📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wilfredor
राजनीति
एनएफएफ ने जल मेट्रो नीति पर विरोध जताया, मछुआरों के लिए खतरा बताया
✍️ The Goan
🗓 10 जुल. 2026, 08:46 PM
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राष्ट्रीय मछुआरों के महासंघ ने राष्ट्रीय जल मेट्रो नीति को अस्वीकार कर दिया, यह कहते हुए कि यह भारत के मछुआरों के लिए खतरा है।
राष्ट्रीय मछुआरों के महासंघ (एनएफएफ) ने राष्ट्रीय जल मेट्रो नीति के मसौदे का विरोध किया है, यह कहते हुए कि यह योजना मछुआरों के समुदायों के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है।
यह नीति जल आधारित सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के विकास का लक्ष्य रखती है, जिसे कुछ शहरी योजनाकारों ने सराहा है, पर आलोचकों का कहना है कि इससे पारंपरिक मछली पकड़ने के मैदान खो सकते हैं और समुद्री जल प्रदूषित हो सकता है।
एनएफएफ के प्रतिनिधियों ने बताया कि बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाएँ छोटे मछुआरों को विस्थापित कर सकती हैं, प्रमुख मछली पकड़ने के स्थानों तक पहुँच सीमित कर सकती हैं और उनके जीविकोपार्जन के लिए आवश्यक समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुँचा सकती हैं।
महासंघ ने मसौदे की व्यापक समीक्षा की माँग की है, यह आग्रह करते हुए कि भविष्य के संशोधनों में मछुआरों के हितों को शामिल किया जाए।
यह नीति जल आधारित सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के विकास का लक्ष्य रखती है, जिसे कुछ शहरी योजनाकारों ने सराहा है, पर आलोचकों का कहना है कि इससे पारंपरिक मछली पकड़ने के मैदान खो सकते हैं और समुद्री जल प्रदूषित हो सकता है।
एनएफएफ के प्रतिनिधियों ने बताया कि बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाएँ छोटे मछुआरों को विस्थापित कर सकती हैं, प्रमुख मछली पकड़ने के स्थानों तक पहुँच सीमित कर सकती हैं और उनके जीविकोपार्जन के लिए आवश्यक समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुँचा सकती हैं।
महासंघ ने मसौदे की व्यापक समीक्षा की माँग की है, यह आग्रह करते हुए कि भविष्य के संशोधनों में मछुआरों के हितों को शामिल किया जाए।