📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Neil Satyam
स्वास्थ्य
पुर्णिया जीएमसीएच में नवजात की मृत्यु, परिवार ने बुढ़ापे की पर्ची पर इलाज का आरोप
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 13 अक्टू. 2026, 08:15 PM
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पुर्णिया जीएमसीएच में नवजात की मृत्यु हुई, परिवार ने आरोप लगाया कि बच्चे को 60 साल के बुजुर्ग की पर्ची पर इलाज किया गया, जिससे तीन घंटे की देरी हुई।
पुर्णिया जनरल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में नवजात शिशु की मृत्यु के बाद परिवार ने लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार के अनुसार, बच्चे का नाम दर्ज नहीं किया गया; बल्कि 60 वर्षीय बुजुर्ग की पर्ची पर इलाज किया गया।
परिवार का कहना है कि इस त्रुटि के कारण शिशु को तीन घंटे तक एक्स‑रे और अन्य प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा, जो बुजुर्ग के लिए निर्धारित थीं, जिससे नवजात को आवश्यक त्वरित उपचार नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि इस देरी ने मृत्यु में योगदान दिया।
परिवार ने अस्पताल के जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ औपचारिक जांच और कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल ने अभी तक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर यह घटना संस्थान में रोगी पहचान प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है।
स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकरण इस मामले की समीक्षा करेंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि कोई प्रक्रिया संबंधी चूक हुई है या नहीं, और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुधारात्मक कदम सुझाए जा सकें।
परिवार का कहना है कि इस त्रुटि के कारण शिशु को तीन घंटे तक एक्स‑रे और अन्य प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा, जो बुजुर्ग के लिए निर्धारित थीं, जिससे नवजात को आवश्यक त्वरित उपचार नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि इस देरी ने मृत्यु में योगदान दिया।
परिवार ने अस्पताल के जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ औपचारिक जांच और कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल ने अभी तक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर यह घटना संस्थान में रोगी पहचान प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है।
स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकरण इस मामले की समीक्षा करेंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि कोई प्रक्रिया संबंधी चूक हुई है या नहीं, और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुधारात्मक कदम सुझाए जा सकें।