📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
जीवनशैली
नेहा बोरा ने भारत में जेन‑जेड प्रभाव के उदय को उजागर किया
✍️ Deccan Herald
🗓 24 अग. 2026, 10:38 AM
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नेहा बोरा ने भारत में जेन‑जेड वर्ग के बढ़ते प्रभाव और उसकी सांस्कृतिक‑आर्थिक महत्ता पर प्रकाश डाला।
नेहा बोरा, जो युवा प्रवृत्तियों पर विशेषज्ञ के रूप में जानी जाती हैं, ने डेक्कन हेराल्ड के साथ हालिया साक्षात्कार में भारत में जेन‑ज़ी वर्ग की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह जनसंख्या, अब कार्यस्थल और उच्च शिक्षा में प्रवेश कर रही है, उपभोक्ता पसंद, डिजिटल सहभागिता और सामाजिक मूल्यों को पुनः आकार दे रही है। बोरा ने कहा कि जेन‑ज़ी की तकनीकी समझ और प्रामाणिकता की मांग से ब्रांड और संस्थानों को अपनी रणनीतियों को पुनः विचारना पड़ रहा है।
बोरा के अनुसार, यह आंदोलन केवल उपभोग पैटर्न तक सीमित नहीं है; यह सामाजिक अपेक्षाओं में बदलाव को भी दर्शाता है, जहाँ युवा भारतीय सततता, समावेशिता और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की वकालत कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जेन‑ज़ी की ऊर्जा अवसर प्रदान करती है, पर साथ ही पारंपरिक व्यावसायिक मॉडल और नीति ढाँचों को भी तेज़ी से अनुकूलित होना पड़ेगा।
अंत में बोरा ने नीति निर्माताओं, शिक्षकों और उद्योग के नेताओं से आग्रह किया कि वे जेन‑ज़ी की आवाज़ों से सीधे जुड़ें, ताकि देश की विकास दिशा उसके सबसे युवा नागरिकों की आकांक्षाओं के साथ मेल खाए।
बोरा के अनुसार, यह आंदोलन केवल उपभोग पैटर्न तक सीमित नहीं है; यह सामाजिक अपेक्षाओं में बदलाव को भी दर्शाता है, जहाँ युवा भारतीय सततता, समावेशिता और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की वकालत कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जेन‑ज़ी की ऊर्जा अवसर प्रदान करती है, पर साथ ही पारंपरिक व्यावसायिक मॉडल और नीति ढाँचों को भी तेज़ी से अनुकूलित होना पड़ेगा।
अंत में बोरा ने नीति निर्माताओं, शिक्षकों और उद्योग के नेताओं से आग्रह किया कि वे जेन‑ज़ी की आवाज़ों से सीधे जुड़ें, ताकि देश की विकास दिशा उसके सबसे युवा नागरिकों की आकांक्षाओं के साथ मेल खाए।