📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
सरकारी योजना
जम्मू-कश्मीर के पाँच जिलों में 598 किमी नई ग्रामीण सड़कों के लिए 1,503 करोड़ रुपये का पीएमजीएसवाई प्रोजेक्ट
✍️ Swarajya
🗓 30 अग. 2026, 02:03 PM
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केंद्रीय सरकार जम्मू-कश्मीर के पाँच जिलों में लगभग 598 किमी नई ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए पीएमजीएसवाई के तहत 1,503 करोड़ रुपये आवंटित कर रही है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रधामंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत जम्मू-कश्मीर के पाँच जिलों में लगभग 598 किमी नई ग्रामीण सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी है। इस परियोजना के लिए कुल बजट 1,503 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जिसका उद्देश्य दूरस्थ गांवों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ना है, जिससे बाजार, स्वास्थ्य केंद्र और स्कूलों तक पहुंच आसान हो सके।
इन जिलों में मानक के अनुसार पक्की और सभी मौसम में चलने योग्य सड़कों का निर्माण किया जाएगा। कार्यवाही आने वाले हफ्तों में शुरू होने की संभावना है और कठिन भू-भाग व मौसमी स्थितियों को देखते हुए इसे तीन‑चार साल में पूरा करने की योजना है।
अधिकारियों ने बताया कि इस निवेश से स्थानीय रोजगार सृजन होगा, कृषि आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी और क्षेत्र के सामाजिक‑आर्थिक विकास को गति मिलेगी। यह पहल उत्तरी राज्यों में बुनियादी ढांचे की खाई को पाटने के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है।
राज्य और केंद्र के प्रतिनिधियों से बनी निगरानी समितियां कार्यान्वयन की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करेंगी। नई सड़क नेटवर्क के चालू होने पर पहाड़ी जिलों के निवासियों के यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
ग्रामीण बुनियादी ढांचे को समावेशी विकास का उत्प्रेरक बनाकर इस योजना ने भारत के विकास एजेंडे में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका को दोहराया है।
इन जिलों में मानक के अनुसार पक्की और सभी मौसम में चलने योग्य सड़कों का निर्माण किया जाएगा। कार्यवाही आने वाले हफ्तों में शुरू होने की संभावना है और कठिन भू-भाग व मौसमी स्थितियों को देखते हुए इसे तीन‑चार साल में पूरा करने की योजना है।
अधिकारियों ने बताया कि इस निवेश से स्थानीय रोजगार सृजन होगा, कृषि आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी और क्षेत्र के सामाजिक‑आर्थिक विकास को गति मिलेगी। यह पहल उत्तरी राज्यों में बुनियादी ढांचे की खाई को पाटने के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है।
राज्य और केंद्र के प्रतिनिधियों से बनी निगरानी समितियां कार्यान्वयन की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करेंगी। नई सड़क नेटवर्क के चालू होने पर पहाड़ी जिलों के निवासियों के यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
ग्रामीण बुनियादी ढांचे को समावेशी विकास का उत्प्रेरक बनाकर इस योजना ने भारत के विकास एजेंडे में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका को दोहराया है।