🔥 ट्रेंडिंग ताहिर हुसैन को उम्रकैद भारत पर गाजा युद्ध अपराधों में सांठगां... पीएम मोदी पर टिप्पणी करने वाली महिला क... भारत में उभरते डिज़ाइन प्रतिभा को सम्म... कयहान मनोरंजन ने शिवलोक के कुंडक्का मं... केबीसी सीजन 18 ने बेचा 90% विज्ञापन स्...
01 अग. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
NCISM ने चेतावनी दी: पंजीकृत आयुष चिकित्सकों को 'गुड़िया' कहना कानूनी आधार नहीं
📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
स्वास्थ्य

NCISM ने चेतावनी दी: पंजीकृत आयुष चिकित्सकों को 'गुड़िया' कहना कानूनी आधार नहीं

✍️ TOI India 🗓 30 जुल. 2026, 11:39 PM 👁 7

राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NCISM) ने स्पष्ट किया कि पंजीकृत आयुष चिकित्सकों को 'गुड़िया' कहना कानूनी आधार नहीं रखता और उनके पेशेवर अधिकारों का उल्लंघन कर सकता है।

राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NCISM) ने आज एक बयान जारी किया, जिसमें चेतावनी दी गई कि पंजीकृत आयुष चिकित्सकों को "गुड़िया" कहना कानूनी आधार से रहित है। आयोग ने बताया कि ऐसी भाषा उनके संवैधानिक और पेशेवर अधिकारों का उल्लंघन कर सकती है।

पंजीकृत आयुष चिकित्सक भारतीय कानून के तहत वैध स्वास्थ्य पेशेवर के रूप में मान्यता प्राप्त हैं। NCISM ने दोहराया कि उन्हें कानूनी संरक्षण और सम्मान का अधिकार है, और किसी भी अपमानजनक शब्द को बदनाम करने वाला माना जा सकता है।

यह चेतावनी वैकल्पिक चिकित्सा चिकित्सकों की स्थिति पर बढ़ती सार्वजनिक बहस के बीच आई है। NCISM ने चिकित्सा समुदाय और मीडिया से आग्रह किया है कि वे आयुष पेशेवरों का उल्लेख करते समय सटीक और सम्मानजनक भाषा का प्रयोग करें।
📲Get App