न्याय नहीं दे सकते तो हमें मौत दे दो”, 14 मुकदमों से परेशान अमित चौधरी की गुहार
अमित चौधरी का परिवार SC/ST एक्ट के तहत दर्ज 14 मामलों का सामना कर रहा है। अमित का कहना है कि इन मुकदमों का असर उनके परिवार की जिंदगी पर बेहद गहरा पड़ा है।
अमित के मुताबिक, महज 14 साल की उम्र में उन्हें इन मामलों की वजह से जेल जाना पड़ा था। आज स्थिति यह है कि उन्हें हर महीने करीब 42 अदालत की पेशियों का सामना करना पड़ता है।
अपना दर्द बयां करते हुए अमित चौधरी ने कहा, “अगर न्याय नहीं दे सकते तो हमें मौत दे दो।”
लगातार मुकदमों और अदालत की तारीखों के बीच परिवार की आर्थिक और मानसिक परेशानियां भी सामने आई हैं। अमित की गुहार अब न्याय व्यवस्था के सामने एक बड़ा सवाल रखती है, अगर कोई व्यक्ति खुद को निर्दोष बताता है तो उसे न्याय मिलने में कितना समय लगना चाहिए?
नीड 24 उल्लखित आरोपों की स्वतंत्र से पुष्टि नहीं करता
अमित के मुताबिक, महज 14 साल की उम्र में उन्हें इन मामलों की वजह से जेल जाना पड़ा था। आज स्थिति यह है कि उन्हें हर महीने करीब 42 अदालत की पेशियों का सामना करना पड़ता है।
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