अपराध
नवादा पुलिस ने 'द एक्टिविस्ट' चैनल और भीम आर्मी प्रदेश अध्यक्ष अमर ज्योति पासवान के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी FIR दर्ज की
हिसुआ के परणय हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर भड़काऊ और जातीय टिप्पणी करने वाले वीडियो को लेकर नवादा साइबर थाना ने अमर ज्योति पासवान और फेसबुक चैनल 'द एक्टिविस्ट' के संचालक के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की।
15 सितंबर 2026 को नवादा साइबर थाना के सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने फेसबुक पर प्रसारित एक वीडियो को नोटिस किया, जिसमें भीम आर्मी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अमर ज्योति पासवान, निवासी बेलागंज (गया) को बोलते हुए देखा गया। इस वीडियो को ‘द एक्टिविस्ट’ नामक फेसबुक चैनल ने प्रकाशित किया था, जिसके कारण पुलिस ने पासवान और चैनल के संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की।
वीडियो में मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव और नवादा के पुलिस अधीक्षक के प्रति आपत्तिजनक एवं तथ्यों से परे टिप्पणी की गई, जिसमें आईजी पर जातीय पक्षपात का आरोप और उनके ‘लेट्स एम्पायर बिहार’ अभियान को लेकर अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया। साथ ही नवादा एसपी के संबंध में आरक्षण को लेकर अमर्यादित टिप्पणी और आईजी के दबाव में काम करने का भी दावा किया गया। पुलिस ने इन आरोपों को बिना ठोस साक्ष्य के कहा और सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर माना।
पुलिस ने बताया कि ऐसे भड़काऊ और जातीय टिप्पणी से समाज में तनाव और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य उत्पन्न हो सकता है, इसलिए वीडियो बनाने वाले व्यक्ति के साथ‑साथ उसे प्रसारित करने वाले फेसबुक चैनल के संचालक को भी आरोपी बनाया गया है। पासवान के विरुद्ध पहले भी नवादा साइबर थाना में मामला दर्ज किया गया था, परन्तु उस मामले की धाराओं और तिथि में विरोधाभास है, जिसके कारण स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
वर्तमान में साइबर थाना पुलिस पूरी जांच, तकनीकी पड़ताल और सामग्री की वैधता की पुष्टि में लगी हुई है। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से नफरत, जातीय तनाव या विधि‑व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
वीडियो में मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव और नवादा के पुलिस अधीक्षक के प्रति आपत्तिजनक एवं तथ्यों से परे टिप्पणी की गई, जिसमें आईजी पर जातीय पक्षपात का आरोप और उनके ‘लेट्स एम्पायर बिहार’ अभियान को लेकर अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया। साथ ही नवादा एसपी के संबंध में आरक्षण को लेकर अमर्यादित टिप्पणी और आईजी के दबाव में काम करने का भी दावा किया गया। पुलिस ने इन आरोपों को बिना ठोस साक्ष्य के कहा और सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर माना।
पुलिस ने बताया कि ऐसे भड़काऊ और जातीय टिप्पणी से समाज में तनाव और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य उत्पन्न हो सकता है, इसलिए वीडियो बनाने वाले व्यक्ति के साथ‑साथ उसे प्रसारित करने वाले फेसबुक चैनल के संचालक को भी आरोपी बनाया गया है। पासवान के विरुद्ध पहले भी नवादा साइबर थाना में मामला दर्ज किया गया था, परन्तु उस मामले की धाराओं और तिथि में विरोधाभास है, जिसके कारण स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
वर्तमान में साइबर थाना पुलिस पूरी जांच, तकनीकी पड़ताल और सामग्री की वैधता की पुष्टि में लगी हुई है। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से नफरत, जातीय तनाव या विधि‑व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।