स्थानीय
नवादा में मध्यस्थ चयन हेतु एक दिवसीय इंटरैक्शन कार्यक्रम आयोजित
नालसा और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर 21 सितंबर को नवादा न्यायालय में मध्यस्थ चयन और प्रशिक्षण हेतु एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया।
नालसा एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह‑अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार नवादा श्री आशुतोष कुमार झा तथा सचिव श्री अरविंद कुमार के सहयोग से सोमवार, 21 सितंबर 2026 को व्यवहार न्यायालय नवादा के कॉन्फ्रेंस रूम एवं लाइब्रेरी हॉल में मध्यस्थ (मेडिएटर) के चयन हेतु एक दिवसीय इंटरैक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलित कर किया गया। नवादा न्याय मंडल के अधिवक्ताओं की उपस्थिति में चयनित अधिवक्ताओं के साथ संवाद एवं इंटरैक्शन किया गया, जिससे मध्यस्थ के रूप में उनके कर्तव्यों की स्पष्टता प्राप्त हुई।
इसके पश्चात जिला अधिवक्ता संघ द्वारा चयनित अधिवक्ताओं के लिए मध्यस्थ प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारम्भ किया जाएगा, जिससे उन्हें मध्यस्थता की प्रक्रिया व तकनीकी पहलुओं से सुसज्जित किया जा सके।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह‑अध्यक्ष श्री आशुतोष कुमार झा ने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से आपसी समझौते की पर्याप्त संभावना वाले मामलों का शीघ्र निष्पादन संभव है और पंचायत स्तर पर भी सुलहनीय मामलों का समाधान दोनों पक्षों की सहमति एवं समझ‑बूझ के आधार पर किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अधिवक्ताओं को प्रभावी संवाद स्थापित करने, विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने और न्यायालयों में लंबित सुलहनीय मामलों के त्वरित निष्पादन में योगदान देने की क्षमता प्रदान करना है।
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलित कर किया गया। नवादा न्याय मंडल के अधिवक्ताओं की उपस्थिति में चयनित अधिवक्ताओं के साथ संवाद एवं इंटरैक्शन किया गया, जिससे मध्यस्थ के रूप में उनके कर्तव्यों की स्पष्टता प्राप्त हुई।
इसके पश्चात जिला अधिवक्ता संघ द्वारा चयनित अधिवक्ताओं के लिए मध्यस्थ प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारम्भ किया जाएगा, जिससे उन्हें मध्यस्थता की प्रक्रिया व तकनीकी पहलुओं से सुसज्जित किया जा सके।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह‑अध्यक्ष श्री आशुतोष कुमार झा ने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से आपसी समझौते की पर्याप्त संभावना वाले मामलों का शीघ्र निष्पादन संभव है और पंचायत स्तर पर भी सुलहनीय मामलों का समाधान दोनों पक्षों की सहमति एवं समझ‑बूझ के आधार पर किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अधिवक्ताओं को प्रभावी संवाद स्थापित करने, विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने और न्यायालयों में लंबित सुलहनीय मामलों के त्वरित निष्पादन में योगदान देने की क्षमता प्रदान करना है।