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नवादा में फर्जी वेतन एरियर भुगतान मामला: तीन पर FIR, शिक्षा विभाग में हड़कंप
नवादा जिले में वेतन एरियर भुगतान में कथित अनियमितता के मामले में शिक्षा विभाग के तीन कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक शिक्षिका के खाते में करीब 10 लाख रुपये अधिक भुगतान का मामला सामने आया है।
नवादा जिले में वेतन एरियर भुगतान में कथित अनियमितता के मामले में शिक्षा विभाग के स्थापना शाखा के लिपिक सतीश कुमार, विभागीय कर्मी रवींद्र कुमार और शिक्षिका कुसुम कुमारी के खिलाफ नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। नगर थानाध्यक्ष उमाशंकर सिंह ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है। इस मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत नगर थाना कांड संख्या 1126/26 दर्ज किया गया है। मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। जांच में रजौली प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय बेल्डी की शिक्षिका कुसुम कुमारी के खाते में करीब 10 लाख रुपये अधिक वेतन भुगतान किए जाने की बात सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग के विशेष सचिव एवं आईएएस अधिकारी धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक जांच टीम नवादा पहुंची थी। टीम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की स्थापना शाखा में वेतन भुगतान से संबंधित अभिलेखों और डेटा की बारीकी से जांच की। जांच टीम में मगध प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक संजय कुमार चौधरी सहित शिक्षा विभाग और वित्त विभाग के एक दर्जन से अधिक अधिकारी एवं कर्मी शामिल थे। टीम 69 शिक्षकों के नाम की सूची लेकर जांच करने पहुंची थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच में एक शिक्षिका के नाम पर अधिक भुगतान का मामला सामने आया है।
मामले में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सतीश कुमार चेकर और रवींद्र कुमार मेकर की भूमिका में कार्य कर रहे थे। वहीं, शिक्षिका कुसुम कुमारी के खाते में अतिरिक्त राशि भेजे जाने का मामला सामने आया है। विभागीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहा है कि खाते में निर्धारित राशि से अधिक रकम आने के बाद इसकी सूचना संबंधित शिक्षिका द्वारा विभाग को दी गई थी या नहीं। हालांकि, इस संबंध में सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
गौरतलब है कि भागलपुर जिले में फर्जी शिक्षिका के नाम पर करीब 98.12 लाख रुपये वेतन भुगतान का मामला सामने आने के बाद बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के वेतन भुगतान की जांच के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में नवादा में भी वेतन भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच की गई। फिलहाल, पुलिस और शिक्षा विभाग की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग के विशेष सचिव एवं आईएएस अधिकारी धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक जांच टीम नवादा पहुंची थी। टीम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की स्थापना शाखा में वेतन भुगतान से संबंधित अभिलेखों और डेटा की बारीकी से जांच की। जांच टीम में मगध प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक संजय कुमार चौधरी सहित शिक्षा विभाग और वित्त विभाग के एक दर्जन से अधिक अधिकारी एवं कर्मी शामिल थे। टीम 69 शिक्षकों के नाम की सूची लेकर जांच करने पहुंची थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच में एक शिक्षिका के नाम पर अधिक भुगतान का मामला सामने आया है।
मामले में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सतीश कुमार चेकर और रवींद्र कुमार मेकर की भूमिका में कार्य कर रहे थे। वहीं, शिक्षिका कुसुम कुमारी के खाते में अतिरिक्त राशि भेजे जाने का मामला सामने आया है। विभागीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहा है कि खाते में निर्धारित राशि से अधिक रकम आने के बाद इसकी सूचना संबंधित शिक्षिका द्वारा विभाग को दी गई थी या नहीं। हालांकि, इस संबंध में सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
गौरतलब है कि भागलपुर जिले में फर्जी शिक्षिका के नाम पर करीब 98.12 लाख रुपये वेतन भुगतान का मामला सामने आने के बाद बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के वेतन भुगतान की जांच के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में नवादा में भी वेतन भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच की गई। फिलहाल, पुलिस और शिक्षा विभाग की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।