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नवादा के कई कब्रिस्तानों की पक्की घेराबंदी की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू
नवादा जिले के काशीचक, पकरीबरावां और वारिसलीगंज प्रखंडों में चिन्हित कब्रिस्तानों की पक्की बाउंड्री वॉल बनाने की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह कदम अतिक्रमण की आशंका और स्थानीय लोगों की परेशानियों को दूर करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नवादा जिले में अब कई कब्रिस्तानों की पक्की घेराबंदी की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर इस दिशा में कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। जिले के काशीचक, पकरीबरावां और वारिसलीगंज प्रखंडों के चिन्हित कब्रिस्तानों के लिए पक्की बाउंड्री वॉल निर्माण की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
यह प्रक्रिया वारिसलीगंज विधायक अनीता कुमारी द्वारा 3 अगस्त 2026 को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को भेजे गए एक पत्र के बाद शुरू हुई। विधायक ने पत्र में संबंधित कब्रिस्तानों की घेराबंदी की मांग की थी, जिसमें बाउंड्री न होने के कारण अतिक्रमण की आशंका और स्थानीय लोगों को होने वाली परेशानियों का उल्लेख किया गया था।
इसके जवाब में, 30 सितंबर 2026 को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान ने संबंधित विभाग के प्रधान सचिव को आवश्यक एवं समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस निर्देश के बाद चिन्हित कब्रिस्तानों की घेराबंदी को लेकर आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
जिन क्षेत्रों में यह घेराबंदी की जानी है, उनमें काशीचक, बौरी, भट्टा, बिरनामा, पकरीबरावां, पड़रिया, बेलखुंडा, जसत, बड़ीगुलनी, मठगुलनी, दतरौल, मड़वा, हसनगंज, राइस, जम्हरिया, वारिसलीगंज, बाघी, दोसुत, रहमगंज, नवाजगढ़, जमुआंव और मसूदा शामिल हैं। अब इन स्थानों पर कब्रिस्तानों की पक्की घेराबंदी को लेकर विभागीय एवं प्रशासनिक स्तर पर होने वाली अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
यह प्रक्रिया वारिसलीगंज विधायक अनीता कुमारी द्वारा 3 अगस्त 2026 को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को भेजे गए एक पत्र के बाद शुरू हुई। विधायक ने पत्र में संबंधित कब्रिस्तानों की घेराबंदी की मांग की थी, जिसमें बाउंड्री न होने के कारण अतिक्रमण की आशंका और स्थानीय लोगों को होने वाली परेशानियों का उल्लेख किया गया था।
इसके जवाब में, 30 सितंबर 2026 को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान ने संबंधित विभाग के प्रधान सचिव को आवश्यक एवं समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस निर्देश के बाद चिन्हित कब्रिस्तानों की घेराबंदी को लेकर आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
जिन क्षेत्रों में यह घेराबंदी की जानी है, उनमें काशीचक, बौरी, भट्टा, बिरनामा, पकरीबरावां, पड़रिया, बेलखुंडा, जसत, बड़ीगुलनी, मठगुलनी, दतरौल, मड़वा, हसनगंज, राइस, जम्हरिया, वारिसलीगंज, बाघी, दोसुत, रहमगंज, नवाजगढ़, जमुआंव और मसूदा शामिल हैं। अब इन स्थानों पर कब्रिस्तानों की पक्की घेराबंदी को लेकर विभागीय एवं प्रशासनिक स्तर पर होने वाली अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।