नवजीवन के घरौंदे: सांभर अब प्रजनन का भी ठिकाना, फ्लेमिंगो के घोंसले 4 गुना बढ़ े
सांभर झील अब सिर्फ सर्दियो ं में प्रवासी पक्षियो ं का ठिकाना नही ं रही। भीषण गर्मी में 45 से 48 डिग्री तापमान के बावजूद यहा ं 60-70 हजार पक्षी मौजूद रहते हैं, जबकि सर्दियो ं में इनकी संख्या 3 लाख से अधिक पहुंच जाती है। पिछले पांच-सात साल मे ं यहा ं फ्लेमिंगो की नेस्टिंग मे ं भी बड़ा बदलाव आया है। पक्षी विशेषज्ञ गौरव दाधीच के अनुसार, पिछले पांच-सात साल की तुलना में फ्लेमिंगो के घोंसलों की संख्या चार गुना बढ़ी है।
फ्लेमिंगो के अंडों से निकले बच्चे
इस साल जून-जुलाई में अनुकूल परिस्थितियो ं के चलते सांभर में फ्लेमिंगो ने मिट्टी के घोंसले बनाकर अंडे दिए और बच्च े भी निकले। पिछले साल अच्छी बारिश से दलदली जमीन बनी रही, जो प्रजनन के लिए अनुकूल रही। गीली मिट्टी से घोंसले: नर-मादा फ्लेमिंगो चोंच से गीली मिट्टी जुटाकर टीले या ऊंच े कटोरे जैसी आकृति के घोंसले बनाते हैं। पानी मे ं पनपन े वाली काई यानी शैवाल इनका प्रमुख भोजन है। नेस्टिंग क्षेत्र में जलभराव रहने से भोजन और प्रजनन के लिए अनुकूल
फ्लेमिंगो के अंडों से निकले बच्चे
इस साल जून-जुलाई में अनुकूल परिस्थितियो ं के चलते सांभर में फ्लेमिंगो ने मिट्टी के घोंसले बनाकर अंडे दिए और बच्च े भी निकले। पिछले साल अच्छी बारिश से दलदली जमीन बनी रही, जो प्रजनन के लिए अनुकूल रही। गीली मिट्टी से घोंसले: नर-मादा फ्लेमिंगो चोंच से गीली मिट्टी जुटाकर टीले या ऊंच े कटोरे जैसी आकृति के घोंसले बनाते हैं। पानी मे ं पनपन े वाली काई यानी शैवाल इनका प्रमुख भोजन है। नेस्टिंग क्षेत्र में जलभराव रहने से भोजन और प्रजनन के लिए अनुकूल