📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / U.S. Department of State from United States
शिक्षा
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत दोवाल ने IIT Roorkee के स्नातकों को कहा सबसे भाग्यशाली पीढ़ी
✍️ The News Mill
🗓 19 सित. 2026, 03:36 PM
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एक हालिया संबोधन में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत दोवाल ने IIT Roorkee के स्नातक वर्ग को सबसे भाग्यशाली पीढ़ी कहा।
IIT Roorkee में आयोजित समारोह के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत दोवाल ने स्नातक वर्ग को संबोधित करते हुए उन्हें "सबसे भाग्यशाली पीढ़ी" कहा। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञता और देश में उभरते अवसरों के अनूठे मिश्रण को उजागर किया, जो इन स्नातकों को महत्वपूर्ण प्रभाव डालने के लिए तैयार करता है।
दोवाल ने कहा कि वर्तमान आर्थिक और प्रौद्योगिकी परिदृश्य नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्रीय विकास के लिए अभूतपूर्व मार्ग प्रदान करता है। उनका मानना है कि इस बैच का कार्यक्षेत्र में प्रवेश सरकार की विनिर्माण, डिजिटल बुनियादी ढाँचा और रक्षा अनुसंधान को बढ़ावा देने वाली पहलों के साथ मेल खाता है।
छात्रों ने उत्साह के साथ प्रतिक्रिया दी, यह मानते हुए कि एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी से मिली ऐसी सराहना इंजीनियरिंग प्रतिभा की राष्ट्रीय रणनीतिक महत्वता को रेखांकित करती है। संस्थान के अधिकारियों ने दोवाल का धन्यवाद किया और देश की प्रगति में योगदान देने वाले स्नातकों को तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इन टिप्पणियों का समय ऐसा है जब भारत अपनी उच्च शिक्षा क्षमता का विस्तार कर रहा है और शीर्ष तकनीकी प्रतिभा को देश में बनाए रखने का लक्ष्य रख रहा है, जिससे शैक्षणिक संस्थानों और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के बीच संबंध मजबूत हो रहा है।
दोवाल ने कहा कि वर्तमान आर्थिक और प्रौद्योगिकी परिदृश्य नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्रीय विकास के लिए अभूतपूर्व मार्ग प्रदान करता है। उनका मानना है कि इस बैच का कार्यक्षेत्र में प्रवेश सरकार की विनिर्माण, डिजिटल बुनियादी ढाँचा और रक्षा अनुसंधान को बढ़ावा देने वाली पहलों के साथ मेल खाता है।
छात्रों ने उत्साह के साथ प्रतिक्रिया दी, यह मानते हुए कि एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी से मिली ऐसी सराहना इंजीनियरिंग प्रतिभा की राष्ट्रीय रणनीतिक महत्वता को रेखांकित करती है। संस्थान के अधिकारियों ने दोवाल का धन्यवाद किया और देश की प्रगति में योगदान देने वाले स्नातकों को तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इन टिप्पणियों का समय ऐसा है जब भारत अपनी उच्च शिक्षा क्षमता का विस्तार कर रहा है और शीर्ष तकनीकी प्रतिभा को देश में बनाए रखने का लक्ष्य रख रहा है, जिससे शैक्षणिक संस्थानों और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के बीच संबंध मजबूत हो रहा है।