📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vano111ru
टेक्नोलॉजी
राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान ने ओडिशा कंपनी को प्रवाल भित्ति निगरानी तकनीक सौंपी
✍️ The Times of India
🗓 07 नव. 2026, 01:48 AM
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राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान ने ओडिशा की एक कंपनी को अपनी प्रवाल भित्ति निगरानी तकनीक सौंप दी, जिससे स्थानीय समुद्री संरक्षण में मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान (NIO) ने अपनी स्वामित्व वाली प्रवाल भित्ति निगरानी तकनीक ओडिशा स्थित एक निजी कंपनी को औपचारिक रूप से सौंप दी है। यह पहली बार है जब यह विशेष समुद्री पर्यावरण उपकरण क्षेत्रीय उद्यम को प्रदान किया गया है।
यह तकनीक प्रवाल भित्ति के स्वास्थ्य का सटीक, रीयल‑टाइम मूल्यांकन करती है, जिसमें जल गुणवत्ता, जैव विविधता सूचकांक और ब्लीचिंग जैसी स्थितियों को मापा जाता है। ओडिशा कंपनी को यह क्षमता देकर NIO का उद्देश्य पूर्वी तट पर डेटा‑आधारित संरक्षण रणनीतियों को सुदृढ़ करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग स्थानीय समुद्री सेवाओं, अनुसंधान और इको‑टूरिज़्म क्षेत्रों में नई संभावनाएँ खोल सकता है, साथ ही भारत के नाज़ुक प्रवाल भित्ति संरक्षण लक्ष्यों में भी योगदान देगा।
यह तकनीक प्रवाल भित्ति के स्वास्थ्य का सटीक, रीयल‑टाइम मूल्यांकन करती है, जिसमें जल गुणवत्ता, जैव विविधता सूचकांक और ब्लीचिंग जैसी स्थितियों को मापा जाता है। ओडिशा कंपनी को यह क्षमता देकर NIO का उद्देश्य पूर्वी तट पर डेटा‑आधारित संरक्षण रणनीतियों को सुदृढ़ करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग स्थानीय समुद्री सेवाओं, अनुसंधान और इको‑टूरिज़्म क्षेत्रों में नई संभावनाएँ खोल सकता है, साथ ही भारत के नाज़ुक प्रवाल भित्ति संरक्षण लक्ष्यों में भी योगदान देगा।