📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sanyam Bahga
विज्ञान
राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने भोजताल सीमा व हरित पट्टी की ड्रोन सर्वे शुरू की
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 06 सित. 2026, 06:18 PM
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने भोजताल झील की सीमा और आसपास की हरित पट्टी का ड्रोन सर्वे शुरू किया है, जिसमें गौहर महल से खानूगांव, कोहेफिजा और हलालपुरा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की जाँच की जा रही है।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGA) की टीम ने मध्य प्रदेश में स्थित भोजताल झील की सीमा और उसके आसपास की हरित पट्टी का ड्रोन‑आधारित सर्वेक्षण शुरू किया है। यह कार्य गौहर महल से आरम्भ हुआ है और झील की सीमा को मानचित्रित करने, अतिक्रमण की पहचान करने तथा पर्यावरणीय बुनियादी ढाँचे की स्थिति का मूल्यांकन करने पर केंद्रित है।
ड्रोन कई संवेदनशील क्षेत्रों, जैसे खानूगांव, कोहेफिजा और हलालपुरा, के ऊपर उड़ाए जा रहे हैं ताकि उच्च‑रिज़ॉल्यूशन छवियाँ प्राप्त की जा सकें। प्रारम्भिक जाँच में कुछ एफटीएल (फ़ॉरेस्ट‑टू‑लैंड) निगरानी मुनारों के गायब होने और हरित पट्टी के कुछ हिस्सों में छह फुट भराव सामग्री के मौजूद होने की सूचना मिली है।
एकत्रित डेटा का उपयोग पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन का आकलन करने, सुधारात्मक कदमों को दिशा देने और झील तथा उसके जलस्रोत क्षेत्र के भविष्य के संरक्षण योजना बनाने में किया जाएगा। NGA ने कहा है कि परिणामों को राज्य प्राधिकरणों को विस्तृत रिपोर्ट के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
स्थानीय अधिकारियों ने इस पहल का स्वागत किया, यह कहा कि सटीक हवाई मानचित्रण अवैध निर्माण को रोकने और क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को संरक्षित करने में मददगार सिद्ध होगा।
ड्रोन कई संवेदनशील क्षेत्रों, जैसे खानूगांव, कोहेफिजा और हलालपुरा, के ऊपर उड़ाए जा रहे हैं ताकि उच्च‑रिज़ॉल्यूशन छवियाँ प्राप्त की जा सकें। प्रारम्भिक जाँच में कुछ एफटीएल (फ़ॉरेस्ट‑टू‑लैंड) निगरानी मुनारों के गायब होने और हरित पट्टी के कुछ हिस्सों में छह फुट भराव सामग्री के मौजूद होने की सूचना मिली है।
एकत्रित डेटा का उपयोग पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन का आकलन करने, सुधारात्मक कदमों को दिशा देने और झील तथा उसके जलस्रोत क्षेत्र के भविष्य के संरक्षण योजना बनाने में किया जाएगा। NGA ने कहा है कि परिणामों को राज्य प्राधिकरणों को विस्तृत रिपोर्ट के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
स्थानीय अधिकारियों ने इस पहल का स्वागत किया, यह कहा कि सटीक हवाई मानचित्रण अवैध निर्माण को रोकने और क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को संरक्षित करने में मददगार सिद्ध होगा।