शिक्षा
नरसिंहपुर: दक्ष परियोजना के तहत आयोजित करियर काउंसलिंग सत्र में कलेक्टर रजनी सिंह ने किया विद्यार्थियों को प्रेरित
नरसिंहपुर के सांदीपनी विद्यालय में दक्ष परियोजना के अंतर्गत आयोजित करियर काउंसलिंग कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने विद्यार्थियों को मानसिक तैयारी और सही मार्गदर्शन की सलाह दी।
विद्यार्थियों के ज्ञान संवर्धन, कौशल विकास एवं सर्वांगीण व्यक्तित्व निखार के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा संचालित 'दक्ष' परियोजना के अंतर्गत शनिवार को सांदीपनी विद्यालय नरसिंहपुर के ऑडिटोरियम में करियर काउंसलिंग एवं गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए केवल ज्ञान और मेहनत ही नहीं, बल्कि मानसिक स्थिरता, आत्मविश्वास एवं मनोवैज्ञानिक तैयारी भी बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि सही मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप करियर का चयन कर उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
कलेक्टर श्रीमती सिंह ने उल्लेख किया कि परीक्षाओं और प्रतियोगिताओं के दबाव में कई बार अच्छी तैयारी के बावजूद विद्यार्थी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाते, इसलिए पढ़ाई और खेल के साथ-साथ करियर एवं मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे बिना किसी झिझक के विशेषज्ञों के समक्ष अपनी जिज्ञासाएं और शंकाएं रखें तथा मार्गदर्शन सत्र का अधिकतम लाभ उठाएं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह नागेश ने बताया कि 'दक्ष' (DAKSH) जिला स्तर पर ज्ञान संवर्धन, कौशल विकास एवं व्यक्तित्व विकास की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका लक्ष्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल और आत्मविश्वास प्रदान करना है।
कार्यक्रम में करियर काउंसलर एवं कॉर्पोरेट ट्रेनर श्री संजय चौबे ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि सही करियर का चयन जीवन की दिशा तय करता है और विद्यार्थियों को अपनी रुचि, योग्यता और क्षमता को पहचानकर ही भविष्य का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने शिक्षा के उद्देश्य के रूप में केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल और सोच का विकास कर आत्मनिर्भर बनना बताया। वीडियो प्रस्तुतियों एवं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उन्होंने संवाद कौशल, तार्किक सोच, डिजिटल साक्षरता एवं भावनात्मक बुद्धिमत्ता को भविष्य के लिए आवश्यक कौशल बताया। साथ ही, श्री अनिकेत चौबे ने विद्यार्थियों को STEM, आईटी, रचनात्मक कला, स्वास्थ्य सेवा, व्यापार, सरकारी सेवाएं, कृषि, खेल एवं फिटनेस तथा कौशल आधारित व्यवसायों में उपलब्ध करियर संभावनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर शिक्षकों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षक की भूमिका, विद्यार्थियों को समझने के विभिन्न पहलू तथा 'कलर साइंस' के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के तरीकों पर चर्चा की गई। शिक्षकों को विद्यार्थियों की व्यक्तिगत रुचि, क्षमता एवं व्यवहार को समझते हुए उनके समुचित मार्गदर्शन के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अनिल कुशवाहा, उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य श्री राजीव किशोर श्रीवास्तव, बीईओ श्री ब्रजेश शर्मा, प्राचार्य श्री प्रभात मिश्रा, एडीपीसी श्री संजय जैन, श्री विक्रम शर्मा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अशोक उदेनिया, श्रीमती सीमा दीक्षित एवं श्री मनोज वैष्णव ने किया, जहां विद्यार्थियों ने अपने भविष्य और विषय चयन से जुड़े प्रश्नों के उत्तर विशेषज्ञों से प्राप्त किए।
कलेक्टर श्रीमती सिंह ने उल्लेख किया कि परीक्षाओं और प्रतियोगिताओं के दबाव में कई बार अच्छी तैयारी के बावजूद विद्यार्थी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाते, इसलिए पढ़ाई और खेल के साथ-साथ करियर एवं मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे बिना किसी झिझक के विशेषज्ञों के समक्ष अपनी जिज्ञासाएं और शंकाएं रखें तथा मार्गदर्शन सत्र का अधिकतम लाभ उठाएं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह नागेश ने बताया कि 'दक्ष' (DAKSH) जिला स्तर पर ज्ञान संवर्धन, कौशल विकास एवं व्यक्तित्व विकास की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका लक्ष्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल और आत्मविश्वास प्रदान करना है।
कार्यक्रम में करियर काउंसलर एवं कॉर्पोरेट ट्रेनर श्री संजय चौबे ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि सही करियर का चयन जीवन की दिशा तय करता है और विद्यार्थियों को अपनी रुचि, योग्यता और क्षमता को पहचानकर ही भविष्य का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने शिक्षा के उद्देश्य के रूप में केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल और सोच का विकास कर आत्मनिर्भर बनना बताया। वीडियो प्रस्तुतियों एवं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उन्होंने संवाद कौशल, तार्किक सोच, डिजिटल साक्षरता एवं भावनात्मक बुद्धिमत्ता को भविष्य के लिए आवश्यक कौशल बताया। साथ ही, श्री अनिकेत चौबे ने विद्यार्थियों को STEM, आईटी, रचनात्मक कला, स्वास्थ्य सेवा, व्यापार, सरकारी सेवाएं, कृषि, खेल एवं फिटनेस तथा कौशल आधारित व्यवसायों में उपलब्ध करियर संभावनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर शिक्षकों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षक की भूमिका, विद्यार्थियों को समझने के विभिन्न पहलू तथा 'कलर साइंस' के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के तरीकों पर चर्चा की गई। शिक्षकों को विद्यार्थियों की व्यक्तिगत रुचि, क्षमता एवं व्यवहार को समझते हुए उनके समुचित मार्गदर्शन के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अनिल कुशवाहा, उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य श्री राजीव किशोर श्रीवास्तव, बीईओ श्री ब्रजेश शर्मा, प्राचार्य श्री प्रभात मिश्रा, एडीपीसी श्री संजय जैन, श्री विक्रम शर्मा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अशोक उदेनिया, श्रीमती सीमा दीक्षित एवं श्री मनोज वैष्णव ने किया, जहां विद्यार्थियों ने अपने भविष्य और विषय चयन से जुड़े प्रश्नों के उत्तर विशेषज्ञों से प्राप्त किए।