स्थानीय
नरपतगंज में विकास की ठहराव: नेताओं के स्वार्थी राजनीति पर जनता का सवाल
नरपतगंज में बुनियादी सुविधाओं की कमी और विकास में रुकावट के कारण जनता ने नेताओं से काम की मांग की है।
नरपतगंज के पिछड़ेपन की वजह सिर्फ संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि कुछ ऐसे नेता भी हैं, जिनकी राजनीति विकास से ज्यादा अपने स्वार्थ तक सीमित रही है।
सालों बीत गए, चेहरे बदलते रहे, वादे होते रहे, लेकिन नरपतगंज आज भी बुनियादी सुविधाओं और विकास की राह देख रहा है।
अब सवाल है—नरपतगंज की जनता कब तक नेताओं की राजनीति का खामियाजा भुगतती रहेगी?
"हमें नेता नहीं, विकास चाहिए। वादे नहीं, काम चाहिए!"
सालों बीत गए, चेहरे बदलते रहे, वादे होते रहे, लेकिन नरपतगंज आज भी बुनियादी सुविधाओं और विकास की राह देख रहा है।
अब सवाल है—नरपतगंज की जनता कब तक नेताओं की राजनीति का खामियाजा भुगतती रहेगी?
"हमें नेता नहीं, विकास चाहिए। वादे नहीं, काम चाहिए!"