Religion
नारौली डांग गांव में कोठी वाले बालाजी पर सजेगी फूल बंगला व छप्पनभोग की झांकी
नारौली डांग गांव में कोठी वाले बालाजी पर सजेगी फूल बंगला व छप्पनभोग की झांकी
ग्राम पंचायत नारौली डांग के प्रसिद्ध श्री कोठी वाले बालाज मंदिर के प्रांगण में विजयादशमी के अवसर पर फूल बंगला, छप्पनभोग झांकी व रात्री भजन संध्या का आयोजन किया जावेगा। इस मंदिर की खास बात यह है कि कोठी वाले बालाजी मंदिर पर पिछले 20 सालों से अखंड रामायण का पठन जारी है।
मंदिर के पुजारी मिथलेश गौतम ने बताया कि प्रतिवर्ष नवरात्र के नौ दिनो ं मे ं हजारों श्रद्धालु यहां दर्शनार्थ पहुंचते है। अनेक लोग अपनी मांगी गई मुराद पूरी होने पर पैदल ही यहां तक पहुंचकर बालाजी के दर्शन कर चढ़ावा चढ़ाते हैं। ग्रामीणो ं ने बताया कि कोठी (कुएं) की खुदाई के समय हनुमानजी की मूर्ति निकली थी। जिसके कारण इसे कोठी वाले बालाजी के नाम से जाना जाता है। वैसे तो मंदिर में भक्तों का
नारौली डांग कस्बे के कोठी वाले बालाजी की मूर्ति ।
आना जाना लगा रहता है। लेकिन नवरात्रि के अवसर पर इस मंदिर में हजारों की संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचते हैं।
कोठी वाले हनुमानजी पर मंगलवार व शनिवार को सवामनी होती रहती है। भक्तो द्वारा मांगी गई मनोकामना पूरी होने पर भक्त यहां सवामनी करते हैं।
कोठी वाले बालाजी पर हर साल
15-10-2026
मंदिर पर 20 साल से चल रही अखंड रामायण
कोठी वाले बालाजी मंदिर पर पिछले 20 सालो ं से अखंड रामायण का पठन जारी है। अखंड रामायण की जिम्मेदारी मंदिर के पुजारी के साथ ग्रामीणो ं ने ले रखी है। जिसमे ं 6 पंडितों की ओर से प्रतिदिन 4-4 घंट े रामायण पठन किया जा रहा है। वर्तमान में 5319 वीं रामायण का पाठ चल रहा है। मंदिर से जुड ़ े सभी भक्त अब इस े हनुमानजी की कृपा मानकर लगातार संचालित कराते आ रहे हैं। मंदिर में चल रही अखंड रामायण पूरी तरह से भक्तों की ओर से संचालित कराई जाती है।
दशहरे के दिन फूल बंगला व छप्पन भोग लगता है। इस मंदिर में डेकोरेशन की सजावट की जाती है। भजन कीर्तन करते हुए लोग हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का पाठ करते हैं।
मंदिर के पुजारी मिथलेश गौतम ने बताया कि प्रतिवर्ष नवरात्र के नौ दिनो ं मे ं हजारों श्रद्धालु यहां दर्शनार्थ पहुंचते है। अनेक लोग अपनी मांगी गई मुराद पूरी होने पर पैदल ही यहां तक पहुंचकर बालाजी के दर्शन कर चढ़ावा चढ़ाते हैं। ग्रामीणो ं ने बताया कि कोठी (कुएं) की खुदाई के समय हनुमानजी की मूर्ति निकली थी। जिसके कारण इसे कोठी वाले बालाजी के नाम से जाना जाता है। वैसे तो मंदिर में भक्तों का
नारौली डांग कस्बे के कोठी वाले बालाजी की मूर्ति ।
आना जाना लगा रहता है। लेकिन नवरात्रि के अवसर पर इस मंदिर में हजारों की संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचते हैं।
कोठी वाले हनुमानजी पर मंगलवार व शनिवार को सवामनी होती रहती है। भक्तो द्वारा मांगी गई मनोकामना पूरी होने पर भक्त यहां सवामनी करते हैं।
कोठी वाले बालाजी पर हर साल
15-10-2026
मंदिर पर 20 साल से चल रही अखंड रामायण
कोठी वाले बालाजी मंदिर पर पिछले 20 सालो ं से अखंड रामायण का पठन जारी है। अखंड रामायण की जिम्मेदारी मंदिर के पुजारी के साथ ग्रामीणो ं ने ले रखी है। जिसमे ं 6 पंडितों की ओर से प्रतिदिन 4-4 घंट े रामायण पठन किया जा रहा है। वर्तमान में 5319 वीं रामायण का पाठ चल रहा है। मंदिर से जुड ़ े सभी भक्त अब इस े हनुमानजी की कृपा मानकर लगातार संचालित कराते आ रहे हैं। मंदिर में चल रही अखंड रामायण पूरी तरह से भक्तों की ओर से संचालित कराई जाती है।
दशहरे के दिन फूल बंगला व छप्पन भोग लगता है। इस मंदिर में डेकोरेशन की सजावट की जाती है। भजन कीर्तन करते हुए लोग हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का पाठ करते हैं।