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नीम करौरी धाम पहुंचीं बाबा नीम करौली की पौत्री वंदना शर्मा, श्रद्धालुओं को बांटा प्रसाद
बाबा नीम करौली महाराज की पौत्री वंदना शर्मा अपने परिवार के साथ फर्रुखाबाद स्थित नीम करौरी धाम पहुंचीं, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
शुक्रवार को जनपद फर्रुखाबाद स्थित सुप्रसिद्ध नीम करौरी धाम में बाबा नीम करौली महाराज के छोटे बेटे धर्मनारायण शर्मा की बेटी वंदना शर्मा अपने परिवार के साथ बाबा के दर्शन करने पहुंचीं। वह अपने पति देवेंद्र कुमार शर्मा और दोनों बेटों, शाश्वत व कपिल के साथ विशेष रूप से वृंदावन से यहां आई थीं। धाम पहुंचते ही उन्होंने बाबा नीम करौली महाराज की प्रतिमा के समक्ष शीश नवाया, पुष्प अर्पित किए और पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
दर्शन और पूजन के उपरांत वंदना शर्मा ने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं से मुलाकात की और खुद अपने हाथों से उन्हें प्रसाद वितरित किया। बाबा के प्रति उनकी इस सहजता और प्रेम को देखकर मंदिर में मौजूद भक्त भावविभोर हो गए। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ बाबा से जुड़ी कई पुरानी यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि बचपन में उन्हें बाबा का भरपूर स्नेह मिला और वह उनकी गोद में खेली हैं। उन्होंने कहा कि समय भले ही बदल गया हो, लेकिन परिवार और भक्तों के दिलों में बाबा के प्रति आस्था आज भी वैसी ही अटूट है।
बातचीत के दौरान वंदना शर्मा ने 'हनुमान अंश' फिल्म से जुड़ा एक बेहद भावुक प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि जब यह फिल्म रिलीज हुई, तो अस्वस्थ होने के बावजूद वह परिवार के साथ इसे देखने गईं और पूरे समय भावुक रहीं। इसके साथ ही उन्होंने अपने बेटे से जुड़ा एक संस्मरण बताते हुए कहा कि एक बार गंभीर चिकनपॉक्स के दर्द से तड़प रहे बेटे को जब बाबा की पावन विभूति लगाई गई, तो उसे तुरंत राहत मिली और वह आराम से सो गया। उन्होंने कहा कि बाबा की कृपा और उनसे जुड़ी यादें आज भी उनके जीवन का सबसे बड़ा आधार हैं।
दर्शन और पूजन के उपरांत वंदना शर्मा ने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं से मुलाकात की और खुद अपने हाथों से उन्हें प्रसाद वितरित किया। बाबा के प्रति उनकी इस सहजता और प्रेम को देखकर मंदिर में मौजूद भक्त भावविभोर हो गए। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ बाबा से जुड़ी कई पुरानी यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि बचपन में उन्हें बाबा का भरपूर स्नेह मिला और वह उनकी गोद में खेली हैं। उन्होंने कहा कि समय भले ही बदल गया हो, लेकिन परिवार और भक्तों के दिलों में बाबा के प्रति आस्था आज भी वैसी ही अटूट है।
बातचीत के दौरान वंदना शर्मा ने 'हनुमान अंश' फिल्म से जुड़ा एक बेहद भावुक प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि जब यह फिल्म रिलीज हुई, तो अस्वस्थ होने के बावजूद वह परिवार के साथ इसे देखने गईं और पूरे समय भावुक रहीं। इसके साथ ही उन्होंने अपने बेटे से जुड़ा एक संस्मरण बताते हुए कहा कि एक बार गंभीर चिकनपॉक्स के दर्द से तड़प रहे बेटे को जब बाबा की पावन विभूति लगाई गई, तो उसे तुरंत राहत मिली और वह आराम से सो गया। उन्होंने कहा कि बाबा की कृपा और उनसे जुड़ी यादें आज भी उनके जीवन का सबसे बड़ा आधार हैं।