नई दिल्ली में भारत-यूके विज्ञान और नवाचार परिषद की 8वीं बैठक संपन्न, जीनोमिक्स उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन
नई दिल्ली में आयोजित 8वीं भारत-यूके विज्ञान और नवाचार परिषद (एसआईसी) की बैठक में एक बड़े ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। इस बैठक में 'बीआरआईसी-सीडीएफडी-ओएनटी इंडिया जीनोमिक्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' का उद्घाटन एक प्रमुख आकर्षण रहा।
नई दिल्ली में 8वीं भारत-यूके विज्ञान और नवाचार परिषद (एसआईसी) की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें एक बड़े ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व व्यापार, नवाचार और व्यापार राज्य सचिव, द राइट ऑनरेबल जोनाथन रेनॉल्ड्स ने किया। उनके साथ भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त सुश्री लिंडी कैमरन, भारत में उप-उच्चायुक्त श्री बेन मेलर, व्यापार, नवाचार और व्यापार विभाग की अंतरिम स्थायी सचिव सुश्री अमांडा ब्रूक्स, हिज मैजेस्टी के व्यापार आयुक्त श्री हरजिंदर कांग, और व्यापार, नवाचार और व्यापार विभाग के अंतर्राष्ट्रीय निदेशक श्री रिस बोवेन सहित यूके के विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के अन्य प्रतिनिधि भी शामिल थे।
इस बैठक का मुख्य आकर्षण 'बीआरआईसी-सीडीएफडी–ओएनटी इंडिया जीनोमिक्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' का उद्घाटन रहा। यह केंद्र भारत और यूके के बीच वैज्ञानिक सहयोग को और मजबूत करेगा। परिषद का व्यापक सहयोग एजेंडा 'भारत-यूके अनुसंधान और नवाचार समझौता ज्ञापन', 'प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल' और 'भारत-यूके विजन 2035' पर आधारित है।
पिछली भारत-यूके विज्ञान और नवाचार परिषद (एसआईसी) की बैठक वर्ष 2023 में लंदन में आयोजित हुई थी, जिसमें भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार और विभिन्न विज्ञान मंत्रालयों के सचिवों ने भाग लिया था। आज की बैठक में उद्योग-आधारित अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देने वाले क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया, जो दोनों देशों के बीच जुड़ाव के महत्वपूर्ण क्षेत्र बने हुए हैं।
इस बैठक का मुख्य आकर्षण 'बीआरआईसी-सीडीएफडी–ओएनटी इंडिया जीनोमिक्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' का उद्घाटन रहा। यह केंद्र भारत और यूके के बीच वैज्ञानिक सहयोग को और मजबूत करेगा। परिषद का व्यापक सहयोग एजेंडा 'भारत-यूके अनुसंधान और नवाचार समझौता ज्ञापन', 'प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल' और 'भारत-यूके विजन 2035' पर आधारित है।
पिछली भारत-यूके विज्ञान और नवाचार परिषद (एसआईसी) की बैठक वर्ष 2023 में लंदन में आयोजित हुई थी, जिसमें भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार और विभिन्न विज्ञान मंत्रालयों के सचिवों ने भाग लिया था। आज की बैठक में उद्योग-आधारित अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देने वाले क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया, जो दोनों देशों के बीच जुड़ाव के महत्वपूर्ण क्षेत्र बने हुए हैं।