📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
नाडू ने जिगन पर विवेका हत्या मामले में बढ़ाया हमला
✍️ The Times of India
🗓 06 अक्टू. 2026, 06:37 AM
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एन. चंद्रबाबू नाडू ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री य.एस. जिगन मोहन रेड्डी पर विवेका हत्या के मामले में अपनी आलोचना बढ़ा दी है।
एन. चंद्रबाबू नाडू, विपक्षी नेता और पूर्व आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, ने विवेका हत्या मामले में जिगन मोहन रेड्डी पर अपनी आलोचना बढ़ा दी है।
नाडू ने आरोप लगाया कि जिगन सरकार ने जांच में राजनीतिक हस्तक्षेप किया है और पुलिस ने साक्ष्य एकत्र करने व संदिग्धों को गिरफ्तार करने में देरी की है। उन्होंने विशेष जांच की मांग की और कहा कि राज्य को तुरंत कदम उठाकर अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाना चाहिए।
जिगन मोहन रेड्डी ने किसी भी दुराचार से इनकार किया और कहा कि जांच निष्पक्ष रूप से चल रही है तथा पुलिस मेहनत कर रही है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि राजनीतिक हमले सरकार के विकास कार्यों पर असर डाल सकते हैं।
विवेका, जो एक छोटे गाँव की युवा महिला थी, की हत्या ने राज्य को हिला दिया था। कई गिरफ्तारियों के बावजूद मामला अभी भी अनसुलझा है, जिससे जनता में असंतोष और जवाबदेही की माँग बढ़ी है।
यह राजनीतिक संघर्ष आंध्र प्रदेश के आगामी चुनावों के बीच में हो रहा है, और दोनों नेता सार्वजनिक समर्थन बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। विवेका मामले का नतीजा आने वाले चुनावों में मतदाता भावनाओं पर असर डाल सकता है।
नाडू ने आरोप लगाया कि जिगन सरकार ने जांच में राजनीतिक हस्तक्षेप किया है और पुलिस ने साक्ष्य एकत्र करने व संदिग्धों को गिरफ्तार करने में देरी की है। उन्होंने विशेष जांच की मांग की और कहा कि राज्य को तुरंत कदम उठाकर अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाना चाहिए।
जिगन मोहन रेड्डी ने किसी भी दुराचार से इनकार किया और कहा कि जांच निष्पक्ष रूप से चल रही है तथा पुलिस मेहनत कर रही है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि राजनीतिक हमले सरकार के विकास कार्यों पर असर डाल सकते हैं।
विवेका, जो एक छोटे गाँव की युवा महिला थी, की हत्या ने राज्य को हिला दिया था। कई गिरफ्तारियों के बावजूद मामला अभी भी अनसुलझा है, जिससे जनता में असंतोष और जवाबदेही की माँग बढ़ी है।
यह राजनीतिक संघर्ष आंध्र प्रदेश के आगामी चुनावों के बीच में हो रहा है, और दोनों नेता सार्वजनिक समर्थन बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। विवेका मामले का नतीजा आने वाले चुनावों में मतदाता भावनाओं पर असर डाल सकता है।