📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ganesh Dhamodkar
टेक्नोलॉजी
नागपुर ने रोज़ 28 टन सीएनजी कचरे से बनाया, गडकरी ने कहा
✍️ Livemint
🗓 25 सित. 2026, 08:32 PM
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नागपुर के कचरे से सीएनजी उत्पादन सुविधा ने रोज़ 28 टन सीएनजी पैदा किया, यह उपलब्धि मंत्री नितिन गडकरी ने बताई, जिन्होंने कहा कि देशभर में 4,000 ऐसे प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
नागपुर के नगरपालिका कचरा प्रबंधन संयंत्र, जो शहर के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित है, ने प्रतिदिन 28 टन संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) उत्पादन का स्तर हासिल कर लिया है।
यह संयंत्र जैविक कचरे को तोड़ने के लिए एनारोबिक पाचन का उपयोग करता है, जिससे उत्पन्न बायोगैस को संपीड़ित कर एक स्वच्छ ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रक्रिया से लैंडफिल में भेजे जाने वाले कचरे की मात्रा भी कम होती है।
सीएनजी से उत्पन्न ऊर्जा को स्थानीय सड़कों की रोशनी और शहर के पावर ग्रिड में फीड किया जाता है, जिससे ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आती है और निवासियों को एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मिलता है।
परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस परियोजना को भारत के लिए एक मॉडल बताया, यह बताते हुए कि देशभर में 4,000 ऐसे कचरा‑से‑सीएनजी संयंत्र वर्तमान में चल रहे हैं।
यह संयंत्र जैविक कचरे को तोड़ने के लिए एनारोबिक पाचन का उपयोग करता है, जिससे उत्पन्न बायोगैस को संपीड़ित कर एक स्वच्छ ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रक्रिया से लैंडफिल में भेजे जाने वाले कचरे की मात्रा भी कम होती है।
सीएनजी से उत्पन्न ऊर्जा को स्थानीय सड़कों की रोशनी और शहर के पावर ग्रिड में फीड किया जाता है, जिससे ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आती है और निवासियों को एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मिलता है।
परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस परियोजना को भारत के लिए एक मॉडल बताया, यह बताते हुए कि देशभर में 4,000 ऐसे कचरा‑से‑सीएनजी संयंत्र वर्तमान में चल रहे हैं।