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11 अक्टू. 2026•
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नागदा की बेटी ने की 31 उपवास की तपस्या, जैन महासंघ ने शाल-श्रीफल भेंटकर किया बहुमान
धर्म

नागदा की बेटी ने की 31 उपवास की तपस्या, जैन महासंघ ने शाल-श्रीफल भेंटकर किया बहुमान

✍️ रिपोर्टर: Rahul Bairagi 🗓 11 अक्टू. 2026, 01:24 PM 👁 17
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नागदा की बेटी ने की 31 उपवास की तपस्या, जैन महासंघ ने शाल-श्रीफल भेंटकर किया बहुमान

खबर नागदा धार से । हर धर्म में तप को आत्मशुद्धि, कर्म निर्जरा और मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर होने का महत्वपूर्ण मार्ग बताया गया है। तप केवल शरीर को कष्ट देने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मा को निर्मल बनाने, मन पर संयम रखने, इच्छाओं पर नियंत्रण प्राप्त करने और आध्यात्मिक शक्ति को जागृत करने का पवित्र मार्ग है। भगवान महावीर स्वामी द्वारा बताए गए धर्म मार्ग में तप, त्याग, संयम और साधना का विशेष महत्व है। तपस्या के माध्यम से श्रावक अपने जीवन में धर्म के प्रति समर्पण को प्रकट करते हुए कर्मों की निर्जरा कर आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ता है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए गुरु भगवंत सदैव श्रावक-श्राविकाओं को अपनी शक्ति एवं सामर्थ्य के अनुसार तप, त्याग और आराधना करने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। गुरु भगवंतों की अमृतमयी वाणी से प्रभावित होकर अनेक श्रावक-श्राविकाएं तपस्या के मार्ग पर अग्रसर होते हैं और अपने आत्मकल्याण के साथ-साथ जिनशासन की प्रभावना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसी आध्यात्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नागदा नगर की बेटी साक्षी अमिश संघवी ने छोटी-सी उम्र में लगातार 31 उपवास अर्थात मासक्षमण जैसी कठिन तपस्या पूर्ण कर समाज एवं संघ का गौरव बढ़ाया। नगर की बेटी साक्षी अमिश संघवी द्वारा अल्पायु में मासक्षमण जैसी कठिन तपस्या करना विशेष प्रेरणा दायी है। 31 उपवास की इस साधना में दृढ़ संकल्प, आत्मबल, संयम और धर्म के प्रति अटूट श्रद्धा का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। इस तपस्या के माध्यम से साक्षी ने यह संदेश दिया कि यदि मन में धर्म के प्रति सच्ची लगन और गुरु भगवंतों के प्रति श्रद्धा हो, तो व्यक्ति कठिन साधना के मार्ग पर भी आगे बढ़ सकता है।साक्षी की इस तपस्या से परिवार, समाज और नागदा नगर में हर्ष एवं गौरव का वातावरण बना। उनकी साधना अन्य श्रावक-श्राविकाओं, विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का माध्यम है। यह तपस्या संदेश देती है कि जीवन में भौतिक उपलब्धियों के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नति, आत्मसंयम और धर्म आराधना का भी विशेष महत्व है।इस अवसर पर तपस्वी साक्षी अमिश संघवी का अखिल भारतीय श्री जैन श्वेताम्बर मालवा महासंघ की ओर से शाल, श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष ललिता मेहता, राष्ट्रीय पदाधिकारी राजेंद्र संगीता बोकड़िया, पवन अर्पिता मेहता, अभय मेहता एवं पंकज पुष्पा बरड़िया द्वारा बहुमान करते हुए पदाधिकारियों ने तपस्या की अनुमोदना कर धर्म, संयम और त्याग के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया।
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