📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Balajijagadesh
धर्म
नागालैंड के ईसाइयों ने एफसीआरए संशोधन और वैन्डे मातरम् अनिवार्य गान का विरोध किया
✍️ India Today NE
🗓 13 सित. 2026, 03:17 AM
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नागालैंड में ईसाई संगठनों ने एफसीआरए में हुए संशोधन और वैन्डे मातरम् अनिवार्य गान के नियम के खिलाफ प्रदर्शन किया।
नागालैंड भर में ईसाई समुदायों ने विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) में किए गए हालिया संशोधन के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन किया। यह संशोधन विदेशी दान पर कड़ी निगरानी लाने की कोशिश करता है, जिससे चर्चों को अपनी वित्तीय सहायता में बाधा का डर है।
इसी समय, सार्वजनिक सभाओं में राष्ट्रीय गीत "वन्दे मातरम्" का अनिवार्य गान करने का नया निर्देश भी इस पैकेज में शामिल किया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह अनिवार्य गान उनके धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक स्वायत्तता का उल्लंघन करता है।
प्रदर्शन के आयोजकों ने कहा कि इन दोनों उपायों से विविध धार्मिक समूहों पर एक समान राष्ट्रीय पहचान थोपने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि प्रदर्शन मुख्यतः शांतिपूर्ण रहे, भाग लेने वालों ने सरकार से इन प्रावधानों को वापस लेने और प्रभावित समुदायों के साथ संवाद स्थापित करने का आग्रह किया।
राज्य अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर यह मुद्दा केंद्र मंत्रालय और नागालैंड के ईसाई प्रतिनिधियों के बीच आगामी चर्चाओं में प्रमुख रहेगा।
इसी समय, सार्वजनिक सभाओं में राष्ट्रीय गीत "वन्दे मातरम्" का अनिवार्य गान करने का नया निर्देश भी इस पैकेज में शामिल किया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह अनिवार्य गान उनके धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक स्वायत्तता का उल्लंघन करता है।
प्रदर्शन के आयोजकों ने कहा कि इन दोनों उपायों से विविध धार्मिक समूहों पर एक समान राष्ट्रीय पहचान थोपने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि प्रदर्शन मुख्यतः शांतिपूर्ण रहे, भाग लेने वालों ने सरकार से इन प्रावधानों को वापस लेने और प्रभावित समुदायों के साथ संवाद स्थापित करने का आग्रह किया।
राज्य अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर यह मुद्दा केंद्र मंत्रालय और नागालैंड के ईसाई प्रतिनिधियों के बीच आगामी चर्चाओं में प्रमुख रहेगा।