नाचना से अवाय जाने वाली सड़क की खस्ता हालत आये दिन होते है हादसे
नाचना-अवाय सड़क की जर्जर हालत से वाहन चालक बेहाल, जगह-जगह बने गहरे गड्ढे हादसे को दे रहे निमंत्रण
नाचना। नाचना से अवाय को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। देखरेख के अभाव में यह सड़क पूरी तरह खस्ताहाल हो चुकी है, जिससे आए दिन हादसों का अंदेशा बना रहता है।
स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों का कहना है कि सड़क पर डामर नाम मात्र का रह गया है और गहरे गड्ढों की वजह से वाहनों में टूट-फूट होना आम बात हो गई है। दुपहिया वाहन चालक आए दिन असंतुलित होकर गिर रहे हैं, जिससे वे चोटिल हो रहे हैं। रात के समय स्थिति और भी जानलेवा हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में गड्ढे स्पष्ट दिखाई नहीं देते।
प्रमुख समस्याएं:
आवागमन में देरी: डामर उखड़ने और गड्ढों के कारण 15-20 मिनट का सफर तय करने में दोगुना समय लग रहा है।
वाहनों का नुकसान: खस्ताहाल सड़क की वजह से गाड़ियों के सस्पेंशन, टायर और कलपुर्जे लगातार खराब हो रहे हैं।
स्वास्थ्य पर असर: उड़ती धूल और हिचकोलों के कारण बुजुर्गों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं के लिए इस रास्ते पर सफर करना बेहद कष्टदायक साबित हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने शासन और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों और वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क का जल्द से जल्द पेचवर्क या नवनिर्माण करवाया जाए, ताकि आमजन को इस दैनिक परेशानी से राहत मिल सके।
नाचना। नाचना से अवाय को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। देखरेख के अभाव में यह सड़क पूरी तरह खस्ताहाल हो चुकी है, जिससे आए दिन हादसों का अंदेशा बना रहता है।
स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों का कहना है कि सड़क पर डामर नाम मात्र का रह गया है और गहरे गड्ढों की वजह से वाहनों में टूट-फूट होना आम बात हो गई है। दुपहिया वाहन चालक आए दिन असंतुलित होकर गिर रहे हैं, जिससे वे चोटिल हो रहे हैं। रात के समय स्थिति और भी जानलेवा हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में गड्ढे स्पष्ट दिखाई नहीं देते।
प्रमुख समस्याएं:
आवागमन में देरी: डामर उखड़ने और गड्ढों के कारण 15-20 मिनट का सफर तय करने में दोगुना समय लग रहा है।
वाहनों का नुकसान: खस्ताहाल सड़क की वजह से गाड़ियों के सस्पेंशन, टायर और कलपुर्जे लगातार खराब हो रहे हैं।
स्वास्थ्य पर असर: उड़ती धूल और हिचकोलों के कारण बुजुर्गों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं के लिए इस रास्ते पर सफर करना बेहद कष्टदायक साबित हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने शासन और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों और वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क का जल्द से जल्द पेचवर्क या नवनिर्माण करवाया जाए, ताकि आमजन को इस दैनिक परेशानी से राहत मिल सके।