📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ting Chen
ऑटोमोबाइल
मराठी जांच के बाद मुंबई के ऑटो ड्राइवर बिहार‑उ.प्र. लौटे
✍️ News18
🗓 24 अग. 2026, 02:18 PM
👁 5
मुंबई में कड़ी मराठी जांच के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश के कई ऑटो ड्राइवर अपने गृह राज्यों की ओर लौट रहे हैं।
मुंबई नगर निगम ने ऑटो‑रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा सत्यापन को कड़ा कर दिया है, जिससे बिहार और उत्तर प्रदेश के कई ड्राइवर अपने गृह राज्यों की ओर लौट रहे हैं। यह नई जांच, जो चालक की भाषा क्षमता सुनिश्चित करने के लिए है, ने कई ऑपरेटरों को संभावित दंड से बचने के लिए अपने रिक्सॉ को वापस ले जाने के लिए मजबूर किया है।
प्रभावित ड्राइवरों ने आजीविका में व्यवधान की चिंता जताई है, क्योंकि सत्यापन प्रक्रिया में अक्सर दस्तावेज़ और मौखिक साक्षात्कार शामिल होते हैं, जिन्हें कई प्रवासी चालक पूरा नहीं कर पाते। परिणामस्वरूप, कई रिक्सॉ मुंबई की सड़कों से हटाए गए हैं और मालिकों ने उन्हें बिहार और उत्तर प्रदेश में पुनः स्थापित करने का निर्णय लिया है।
स्थानीय परिवहन संघों ने अधिकारियों से अधिक समावेशी दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया है, यह सुझाव देते हुए कि बहुभाषी दक्षता ही संचालन लाइसेंस का एकमात्र मानदंड नहीं होना चाहिए। नगर निगम ने कहा कि यह जांच यात्रियों की सुरक्षा और संवाद को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई है और अनुपालन में सुधार तक इसे जारी रखा जाएगा।
प्रभावित ड्राइवरों ने आजीविका में व्यवधान की चिंता जताई है, क्योंकि सत्यापन प्रक्रिया में अक्सर दस्तावेज़ और मौखिक साक्षात्कार शामिल होते हैं, जिन्हें कई प्रवासी चालक पूरा नहीं कर पाते। परिणामस्वरूप, कई रिक्सॉ मुंबई की सड़कों से हटाए गए हैं और मालिकों ने उन्हें बिहार और उत्तर प्रदेश में पुनः स्थापित करने का निर्णय लिया है।
स्थानीय परिवहन संघों ने अधिकारियों से अधिक समावेशी दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया है, यह सुझाव देते हुए कि बहुभाषी दक्षता ही संचालन लाइसेंस का एकमात्र मानदंड नहीं होना चाहिए। नगर निगम ने कहा कि यह जांच यात्रियों की सुरक्षा और संवाद को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई है और अनुपालन में सुधार तक इसे जारी रखा जाएगा।