📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
राजनीति
शिखर अग्रवाल से पहले कई राजस्थान अधिकारियों को एपीओ किया गया
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 29 अक्टू. 2026, 03:15 PM
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राजस्थान में नलिनी कठोतिया, अंबरीश कुमार आदि कई वरिष्ठ अधिकारियों को शिखर अग्रवाल के मामले से पहले एपीओ आदेश मिला, स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार।
राजस्थान सरकार ने कई वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रशासनिक पुलिस अधिकारी (एपीओ) आदेश जारी करके अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। इनमें नलिनी कठोतिया, अंबरीश कुमार, ललित गोयल, अर्चना सिंह और हनुमानमल ढाका शामिल हैं। ये कदम शिखर अग्रवाल के खिलाफ हाल ही में जारी एपीओ आदेश से पहले आए हैं, जिसका मामला जनता का ध्यान आकर्षित कर रहा था।
सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक अधिकारी के खिलाफ अलग‑अलग जांच के संदर्भ में एपीओ आदेश दिए गए हैं। जबकि कारणों का विस्तृत विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, यह प्रवृत्ति राज्य प्रशासन में संभावित अनियमितताओं को रोकने के लिए एक व्यापक कदम का संकेत देती है।
राज्य सरकार ने इन जांचों के बारे में आधिकारिक बयान नहीं दिया है, परन्तु कई अधिकारियों पर एपीओ लागू होने से यह स्पष्ट होता है कि उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि एपीओ आदेश आमतौर पर जांच के दौरान अधिकारियों को पद से हटाकर उन्हें प्रभावित करने से रोकने के लिए जारी किए जाते हैं। इस क्रम में एपीओ आदेशों की बढ़ती संख्या प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक सख्त रुख को दर्शा सकती है।
जांच के आगे के परिणामों की प्रतीक्षा है, लेकिन वर्तमान में एपीओ के तहत सूचीबद्ध अधिकारी केवल ऊपर उल्लेखित हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक अधिकारी के खिलाफ अलग‑अलग जांच के संदर्भ में एपीओ आदेश दिए गए हैं। जबकि कारणों का विस्तृत विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, यह प्रवृत्ति राज्य प्रशासन में संभावित अनियमितताओं को रोकने के लिए एक व्यापक कदम का संकेत देती है।
राज्य सरकार ने इन जांचों के बारे में आधिकारिक बयान नहीं दिया है, परन्तु कई अधिकारियों पर एपीओ लागू होने से यह स्पष्ट होता है कि उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि एपीओ आदेश आमतौर पर जांच के दौरान अधिकारियों को पद से हटाकर उन्हें प्रभावित करने से रोकने के लिए जारी किए जाते हैं। इस क्रम में एपीओ आदेशों की बढ़ती संख्या प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक सख्त रुख को दर्शा सकती है।
जांच के आगे के परिणामों की प्रतीक्षा है, लेकिन वर्तमान में एपीओ के तहत सूचीबद्ध अधिकारी केवल ऊपर उल्लेखित हैं।