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30 अग. 2026
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मुक़ेश की अमर आवाज़, 50 साल बाद भी दिलों पर राज
📷 चित्र स्रोत: Hindustan Times (via NewsData)
मनोरंजन

मुक़ेश की अमर आवाज़, 50 साल बाद भी दिलों पर राज

✍️ Hindustan Times 🗓 30 अग. 2026, 07:09 AM 👁 8
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मुक़ेश की मृत्यु के 50 साल बाद भी उनके गीत नई पीढ़ियों के दिलों को छू रहे हैं।

1976 में निधन हुए प्रसिद्ध प्ले‑बैक गायक मुक़ेश आज भी भारत की सांस्कृतिक धरोहर में जीवित हैं। उनका गहरा, उदासीन स्वर आज भी रेडियो, स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म और सार्वजनिक समारोहों में बजता है, जिससे यह सिद्ध होता है कि संगीत अपने निर्माता से परे जीवित रहता है।

मीडिया में हालिया स्मरण कार्यक्रम और ऑनलाइन श्रद्धांजलियों ने यह उजागर किया है कि “कभी कभी मेरे दिल में” और “कहीं दूर जब दिन ढल जाए” जैसे उनके क्लासिक गाने नई पीढ़ियों द्वारा फिर से खोजे जा रहे हैं। स्ट्रीमिंग आँकड़ों में वार्षिक स्मरण दिवसों पर उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो उनकी निरंतर लोकप्रियता को दर्शाती है।

संगीत विशेषज्ञों का मानना है कि मुक़ेश की भावनात्मक अभिव्यक्ति की क्षमता ही उनकी आज़ीवन आकर्षण की कुंजी है, जो आधुनिक समय की चुनौतियों का सामना कर रहे श्रोताओं को भी छूती है। इस आधे शताब्दी के अवसर पर आयोजित संगीत समारोह, रेडियो विशेष कार्यक्रम और सोशल मीडिया पोस्ट यह पुष्टि करते हैं कि उनका स्वर पीढ़ियों को जोड़ता एक सशक्त धागा बना हुआ है।
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