📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office, Government of India
राजनीति
मुफ़्ती ने अब्दुल्ला को जम्मू-कश्मीर के लोगों के प्रति संदेह उत्पन्न करने का आरोप लगाया
✍️ Daily Excelsior
🗓 27 अक्टू. 2026, 07:48 AM
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पूर्व जम्मू-कश्मीर नेता मुफ़्ती ने पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला पर जम्मू‑कश्मीर के लोगों के प्रति संदेह उत्पन्न करने का आरोप लगाया, डेली एक्सेल्सियर ने बताया।
जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ राजनेता मुफ़्ती ने पूर्व मुख्यमंत्री फ़रूक अब्दुल्ला को क्षेत्र के लोगों के प्रति संदेह उत्पन्न करने का आरोप लगाया। डेली एक्सेल्सियर द्वारा प्रकाशित बयान में मुफ़्ती ने कहा कि अब्दुल्ला के हालिया बयानों और नीतियों ने स्थानीय जनसंख्या के प्रति अविश्वास को बढ़ावा दिया है, जिससे सामाजिक सौहार्द पर असर पड़ा है।
यह आरोप जम्मू-कश्मीर में चल रही राजनीतिक तनाव के बीच आया है, जहाँ विभिन्न दलों के नेता आगामी स्थानीय चुनावों की तैयारियों में लगे हैं। मुफ़्ती ने यह कहा कि लोगों को संदेहास्पद या अविश्वसनीय बताने वाला कोई भी बयान क्षेत्र की शांति और विकास के लिए हानिकारक है।
अब्दुल्ला ने अभी तक इस आरोप का जवाब नहीं दिया है, और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव गहरी क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता को दर्शाता है, न कि केवल नीति संबंधी असहमति को। विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसे सार्वजनिक विवाद मतदाता की राय को प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि घाटी में राजनीतिक माहौल अत्यधिक परिवर्तनशील है।
डेली एक्सेल्सियर ने इस आरोप को उत्पन्न करने वाले विशेष बयानों का विवरण नहीं दिया, पर यह बात उजागर की कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच सामाजिक एकजुटता बनाए रखना स्थानीय नेताओं की प्रमुख चिंता है।
यह आरोप जम्मू-कश्मीर में चल रही राजनीतिक तनाव के बीच आया है, जहाँ विभिन्न दलों के नेता आगामी स्थानीय चुनावों की तैयारियों में लगे हैं। मुफ़्ती ने यह कहा कि लोगों को संदेहास्पद या अविश्वसनीय बताने वाला कोई भी बयान क्षेत्र की शांति और विकास के लिए हानिकारक है।
अब्दुल्ला ने अभी तक इस आरोप का जवाब नहीं दिया है, और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव गहरी क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता को दर्शाता है, न कि केवल नीति संबंधी असहमति को। विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसे सार्वजनिक विवाद मतदाता की राय को प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि घाटी में राजनीतिक माहौल अत्यधिक परिवर्तनशील है।
डेली एक्सेल्सियर ने इस आरोप को उत्पन्न करने वाले विशेष बयानों का विवरण नहीं दिया, पर यह बात उजागर की कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच सामाजिक एकजुटता बनाए रखना स्थानीय नेताओं की प्रमुख चिंता है।