📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
राजनीति
एमपीएससी पेपर लीक: मुख्यमंत्री फडनाविस ने अध्यक्ष एवं सदस्यों की जाँच के लिए पैनल की मांग की
✍️ Mid-Day
🗓 06 अक्टू. 2026, 02:46 PM
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनाविस ने एमपीएससी परीक्षा पेपर लीक के आरोप पर अध्यक्ष एवं सदस्यों की जाँच के लिए पैनल की मांग की।
महाराष्ट्र राज्य सार्वजनिक सेवा आयोग (एमपीएससी) के परीक्षा पेपर लीक की खबर ने भर्ती प्रक्रिया की अखंडता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यह घटना तब सामने आई जब कई उम्मीदवारों ने प्रश्न पत्रों में असामान्य समानताएँ पाई।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनाविस ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए एक विशेष पैनल के गठन की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि जाँच का केंद्र एमपीएससी के अध्यक्ष और सदस्यों पर होना चाहिए, जो परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं।
एमपीएससी ने अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, परंतु लीक से सुरक्षा प्रोटोकॉल में संभावित कमियों के बारे में अटकलें चल रही हैं। आयोग के नेतृत्व से अपेक्षा की जा रही है कि वे सीएम के अनुरोध का जवाब दें और भविष्य में ऐसे उल्लंघनों को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों का विवरण दें।
यदि पैनल को किसी भी तरह की ग़लती का पता चलता है, तो इससे संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और आयोग के आंतरिक नियंत्रणों की समीक्षा हो सकती है। राज्य सरकार ने सभी आवेदकों के लिए भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष रखने का वादा किया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनाविस ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए एक विशेष पैनल के गठन की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि जाँच का केंद्र एमपीएससी के अध्यक्ष और सदस्यों पर होना चाहिए, जो परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं।
एमपीएससी ने अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, परंतु लीक से सुरक्षा प्रोटोकॉल में संभावित कमियों के बारे में अटकलें चल रही हैं। आयोग के नेतृत्व से अपेक्षा की जा रही है कि वे सीएम के अनुरोध का जवाब दें और भविष्य में ऐसे उल्लंघनों को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों का विवरण दें।
यदि पैनल को किसी भी तरह की ग़लती का पता चलता है, तो इससे संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और आयोग के आंतरिक नियंत्रणों की समीक्षा हो सकती है। राज्य सरकार ने सभी आवेदकों के लिए भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष रखने का वादा किया है।