📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Chiamr
देश
नई स्थानांतरण नीति से मप्र के शिक्षक चिंतित, 95% के आवेदन करने में असमर्थ होने की आशंका
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 19 जून 2026, 07:01 PM
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मध्य प्रदेश में शिक्षक संगठनों ने स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति की नई शर्तों पर चिंता व्यक्त की है, उनका कहना है कि ई-अटेंडेंस, जनगणना ड्यूटी और तीन साल की सेवा अवधि जैसी बाधाओं के कारण लगभग 95% शिक्षक आवेदन नहीं कर पाएंगे।
मध्य प्रदेश में शिक्षक संगठन नई स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति को लेकर गंभीर चिंता जाहिर कर रहे हैं। नीति में निर्धारित कई शर्तों के कारण शिक्षकों की पात्रता पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता, जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी और तीन साल की सेवा अवधि पूरी करने की शर्त को शिक्षक संगठनों ने मुख्य बाधाएं बताया है। उनका तर्क है कि इन शर्तों के चलते शिक्षकों का एक बड़ा वर्ग स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए आवेदन करने में असमर्थ होगा।
शिक्षक समुदायों के प्रतिनिधियों का अनुमान है कि लगभग 95 प्रतिशत शिक्षक निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं कर पाएंगे, जिससे उनके स्थानांतरण के लिए आवेदन करने की क्षमता प्रभावित होगी। इस स्थिति ने शिक्षकों के बीच नई स्थानांतरण नीति के व्यावहारिक कार्यान्वयन और निष्पक्षता को लेकर व्यापक चिंता पैदा कर दी है।
ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता, जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी और तीन साल की सेवा अवधि पूरी करने की शर्त को शिक्षक संगठनों ने मुख्य बाधाएं बताया है। उनका तर्क है कि इन शर्तों के चलते शिक्षकों का एक बड़ा वर्ग स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए आवेदन करने में असमर्थ होगा।
शिक्षक समुदायों के प्रतिनिधियों का अनुमान है कि लगभग 95 प्रतिशत शिक्षक निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं कर पाएंगे, जिससे उनके स्थानांतरण के लिए आवेदन करने की क्षमता प्रभावित होगी। इस स्थिति ने शिक्षकों के बीच नई स्थानांतरण नीति के व्यावहारिक कार्यान्वयन और निष्पक्षता को लेकर व्यापक चिंता पैदा कर दी है।