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07 जुल. 2026
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MP हाईकोर्ट: पति की आय साबित करने का पूरा बोझ पत्नी पर नहीं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendrasinghchauha…
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MP हाईकोर्ट: पति की आय साबित करने का पूरा बोझ पत्नी पर नहीं

✍️ Live Law 🗓 07 जुल. 2026, 12:16 PM 👁 4

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि एक ट्रायल कोर्ट पति की आय साबित करने का पूरा बोझ केवल पत्नी पर नहीं डाल सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह जिम्मेदारी साझा है।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने वैवाहिक मामलों में वित्तीय प्रकटीकरण के दायित्वों को लेकर एक महत्वपूर्ण नज़ीर पेश की है। हाईकोर्ट के हालिया फैसले में कहा गया है कि ट्रायल कोर्ट पतियों की आय साबित करने की जिम्मेदारी केवल पत्नियों पर नहीं डाल सकती। इसका तात्पर्य वित्तीय साक्ष्य प्रस्तुत करने में एक साझा जिम्मेदारी से है।

हाईकोर्ट का यह फैसला उन कार्यवाही में अधिक न्यायसंगत दृष्टिकोण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखता है जहाँ पति की आय एक महत्वपूर्ण कारक होती है, संभवतः भरण-पोषण या गुजारा भत्ता विवादों में। पूरा भार पत्नी पर न डालकर, अदालत उन व्यावहारिक कठिनाइयों को स्वीकार करती है जिनका सामना उसे स्वतंत्र रूप से ऐसी जानकारी प्राप्त करने में करना पड़ सकता है।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के इस निर्देश से निचली अदालतों को वित्तीय निपटान से संबंधित मामलों को संभालने में मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है, जिससे शामिल दोनों पक्षों के वित्तीय स्थिति की निष्पक्ष और संतुलित जांच को बढ़ावा मिलेगा।