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31 अक्टू. 2026•
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एमपी हाईकोर्ट ने अभियोजन विभाग के लिपिकों के 10% पदोन्नति कोटे को असंवैधानिक घोषित किया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendrasinghchauha…
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एमपी हाईकोर्ट ने अभियोजन विभाग के लिपिकों के 10% पदोन्नति कोटे को असंवैधानिक घोषित किया

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 31 अक्टू. 2026, 10:17 AM 👁 24
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मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ग्वालियर ने अभियोजन विभाग के लिपिकों के 10% पदोन्नति कोटे को असंवैधानिक घोषित कर दिया, अब इन पदों पर केवल लोक सेवा आयोग से भर्ती होगी।

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ग्वालियर ने यह निर्णय दिया है कि अभियोजन विभाग के लिपिकों को सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी बनाने के लिए 10% पदोन्नति कोटा असंवैधानिक है। न्यायालय ने कहा कि ऐसी नियुक्तियाँ केवल लोक सेवा आयोग की सामान्य भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से ही होनी चाहिए।

इस निर्णय के बाद, लिपिकों को अब सीधे पदोन्नति की उम्मीद नहीं करनी होगी और उन्हें अन्य उम्मीदवारों की तरह ही प्रतियोगी परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ेगा। न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि आरक्षित कोटे को स्थापित मेरिट‑आधारित भर्ती ढाँचे को बायपास नहीं करना चाहिए।

सरकारी अधिकारियों ने इस फैसले को स्वीकार किया और कहा कि लोक सेवा आयोग को अपने भर्ती योजनाओं को समायोजित करने के लिए सूचित किया जाएगा। आयोग अब सभी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पदों को भरने के लिए जिम्मेदार होगा, जिससे चयन प्रक्रिया पारदर्शी और समान बनी रहेगी।

उच्च न्यायालय का यह निर्णय राज्य में समान पदोन्नति योजनाओं की समीक्षा को प्रेरित कर सकता है, क्योंकि अधिकारी संवैधानिक मानदंडों के अनुरूप सभी करियर उन्नति मार्गों को सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रहे हैं।
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