📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendrasinghchauha…
अपराध
MP हाई कोर्ट: POCSO दोषी ने सुनाई की सुनवाई का दिखावा किया हो
✍️ Live Law
🗓 01 जुल. 2026, 06:32 PM
👁 3
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने संदेह जताया है कि यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा (POCSO) अधिनियम के तहत एक दोषी ने कानूनी कार्यवाही में बाधा डालने के लिए बहरापन का नाटक किया हो सकता है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने यह अवलोकन किया है कि यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा (POCSO) अधिनियम के तहत दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति ने मुकदमे की प्रक्रिया को कमजोर करने के लिए बहरापन का दिखावा किया हो सकता है। अदालत का संदेह मामले की परिस्थितियों और कानूनी कार्यवाही के दौरान दोषी के आचरण से उत्पन्न होता है।
न्यायिक प्रक्रिया के दौरान, आरोपी द्वारा बहरापन के दावे की हाई कोर्ट द्वारा गंभीरता से जांच की जा रही है। पीठ इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह एक वास्तविक स्थिति थी या न्याय के निष्पक्ष प्रशासन में बाधा डालने की एक जानबूझकर की गई चाल थी।
यह विकास दोषी द्वारा दावा की गई विकलांगता की प्रामाणिकता और मुकदमे की अखंडता पर इसके संभावित प्रभाव की न्यायिक जांच का संकेत देता है। हाई कोर्ट की यह टिप्पणी बहरापन के दावे की वैधता को सत्यापित करने की दिशा में एक कदम का सुझाव देती है।
न्यायिक प्रक्रिया के दौरान, आरोपी द्वारा बहरापन के दावे की हाई कोर्ट द्वारा गंभीरता से जांच की जा रही है। पीठ इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह एक वास्तविक स्थिति थी या न्याय के निष्पक्ष प्रशासन में बाधा डालने की एक जानबूझकर की गई चाल थी।
यह विकास दोषी द्वारा दावा की गई विकलांगता की प्रामाणिकता और मुकदमे की अखंडता पर इसके संभावित प्रभाव की न्यायिक जांच का संकेत देता है। हाई कोर्ट की यह टिप्पणी बहरापन के दावे की वैधता को सत्यापित करने की दिशा में एक कदम का सुझाव देती है।