📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lakhan Singh Bhargav
अपराध
एमपी उच्च न्यायालय ने नोटरी से माफी स्वीकार कर चेतावनी बोर्ड लगाने का आदेश दिया
✍️ Live Law
🗓 17 अग. 2026, 09:33 PM
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मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने नोटरी की माफी स्वीकार कर उसे चेतावनी बोर्ड लगाने का आदेश दिया, जिसमें लिखा है कि विवाह दस्तावेज़ किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किए जा सकते।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने आज एक नोटरी की माफी स्वीकार की, जिसे विवाह प्रमाणपत्रों के दुरुपयोग के लिए पाया गया था। न्यायालय के लिखित आदेश में नोटरी को अपने कार्यालय में एक चेतावनी बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया है। बोर्ड पर लिखा होना चाहिए कि विवाह दस्तावेज़ किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किए जा सकते।
इस आदेश के पीछे एक जांच है जिसमें पाया गया कि नोटरी ने ऐसे प्रमाणपत्र जारी किए जिन्हें बाद में धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किया गया। एक स्पष्ट चेतावनी लगाने से न्यायालय का उद्देश्य इसी तरह के दुरुपयोग को रोकना और विवाह रिकॉर्ड की अखंडता को सुरक्षित रखना है।
यह निर्णय भारत में नोटरी की कानूनी जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालता है और सटीक दस्तावेजीकरण के महत्व पर बल देता है। यह याद दिलाता है कि किसी भी प्रक्रिया से विचलन से न्यायिक हस्तक्षेप हो सकता है।
इस आदेश के पीछे एक जांच है जिसमें पाया गया कि नोटरी ने ऐसे प्रमाणपत्र जारी किए जिन्हें बाद में धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किया गया। एक स्पष्ट चेतावनी लगाने से न्यायालय का उद्देश्य इसी तरह के दुरुपयोग को रोकना और विवाह रिकॉर्ड की अखंडता को सुरक्षित रखना है।
यह निर्णय भारत में नोटरी की कानूनी जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालता है और सटीक दस्तावेजीकरण के महत्व पर बल देता है। यह याद दिलाता है कि किसी भी प्रक्रिया से विचलन से न्यायिक हस्तक्षेप हो सकता है।