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MP हाईकोर्ट: DNA रिपोर्ट के बाद शिकायतकर्ता से दोबारा जिरह का अधिकार नहीं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendra_Singh_Chau…
अपराध

MP हाईकोर्ट: DNA रिपोर्ट के बाद शिकायतकर्ता से दोबारा जिरह का अधिकार नहीं

✍️ Amar Ujala · Jabalpur 🗓 03 जुल. 2026, 01:16 AM 👁 49
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि शिकायतकर्ता के बयान और जिरह पूरी होने के बाद, केवल DNA रिपोर्ट आने के आधार पर उन्हें दोबारा जिरह के लिए नहीं बुलाया जा सकता।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आपराधिक प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण बिंदु को स्पष्ट किया है। न्यायालय ने कहा है कि एक बार शिकायतकर्ता का साक्ष्य दर्ज हो जाने और उसकी जिरह पूरी हो जाने के बाद, केवल DNA रिपोर्ट प्राप्त होने के आधार पर उसे दोबारा जिरह के लिए नहीं बुलाया जा सकता।

अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि गवाह को दोबारा बुलाने का अधिकार निरपेक्ष नहीं है और इसका प्रयोग केवल इसलिए नहीं किया जा सकता क्योंकि मुकदमे के प्रारंभिक चरणों के बाद DNA रिपोर्ट जैसे नए साक्ष्य सामने आए हैं। स्थापित कानूनी प्रक्रिया यह निर्धारित करती है कि एक बार गवाह की गवाही पूरी हो जाने के बाद, नए फोरेंसिक परिणामों की उपलब्धता से परे किसी मजबूत औचित्य के बिना उन्हें दोबारा जिरह के लिए नहीं बुलाया जा सकता।

यह न्यायिक निर्णय मुकदमे की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और अनुचित देरी को रोकने का लक्ष्य रखता है। यह गवाह की परीक्षा को उचित समय पर समाप्त करने के महत्व को रेखांकित करता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि सभी आवश्यक पूछताछ प्रारंभिक जिरह चरण के दौरान ही हो जाए।
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