📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendrasinghchauha…
शिक्षा
एमपी हाई कोर्ट का शिक्षक पदों की रिक्तियों और स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर पर अल्टीमेटम
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 01 जुल. 2026, 06:01 PM
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने शिक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों को कड़ा अल्टीमेटम जारी किया है, जिसमें शिक्षकों की भारी कमी और जर्जर स्कूल सुविधाओं का उल्लेख किया गया है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था के संबंध में केंद्र और राज्य सरकार दोनों को एक कड़ा निर्देश जारी किया है। यह हस्तक्षेप राज्य भर के स्कूलों की स्थिति पर चिंताजनक रिपोर्टों के जवाब में आया है।
प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, स्वीकृत शिक्षक पदों का लगभग चालीस प्रतिशत पद खाली पड़े हुए हैं। शिक्षण कर्मचारियों की यह महत्वपूर्ण कमी छात्रों को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। इसके अतिरिक्त, कई स्कूल कथित तौर पर जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं, जिनमें बिजली, कार्यात्मक शौचालय और सुरक्षित पेयजल की सुविधा जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
हाई कोर्ट के अल्टीमेटम ने इन महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने के लिए तत्काल कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला है, जो शिक्षा के मौलिक अधिकार और सभी छात्रों के लिए एक अनुकूल सीखने का माहौल प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर देता है।
प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, स्वीकृत शिक्षक पदों का लगभग चालीस प्रतिशत पद खाली पड़े हुए हैं। शिक्षण कर्मचारियों की यह महत्वपूर्ण कमी छात्रों को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। इसके अतिरिक्त, कई स्कूल कथित तौर पर जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं, जिनमें बिजली, कार्यात्मक शौचालय और सुरक्षित पेयजल की सुविधा जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
हाई कोर्ट के अल्टीमेटम ने इन महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने के लिए तत्काल कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला है, जो शिक्षा के मौलिक अधिकार और सभी छात्रों के लिए एक अनुकूल सीखने का माहौल प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर देता है।