📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lakhan Singh Bhargav
अपराध
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने राम‑सीता पर झूठे आरोप लगाने वाले पुरुष को पूर्व‑गिरफ्तारी जमानत दी
✍️ The Indian Express
🗓 21 जुल. 2026, 04:08 PM
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मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने राम‑सीता पर झूठे आरोप लगाने वाले पुरुष को पूर्व‑गिरफ्तारी जमानत दी, क्योंकि हिरासत के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने राम‑सीता पर झूठे आरोप लगाने वाले एक पुरुष को पूर्व‑गिरफ्तारी जमानत मंजूर कर दी है।
इस व्यक्ति को इस महीने की शुरुआत में भारतीय दण्ड संहिता के तहत मानहानि के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। न्यायालय ने दावे की जाँच के बाद पाया कि उसे हिरासत में रखने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।
न्यायाधीश ने कहा कि जमानत मनमानी हिरासत से बचाने का एक उपाय है और आरोपी को अपना बचाव तैयार करने का अवसर मिलना चाहिए। जमानत की राशि और शर्तें सार्वजनिक नहीं की गईं।
यह फैसला संबंधित पक्षों द्वारा दायर शिकायत की समीक्षा को प्रेरित करेगा। मामला अब ट्रायल के लिए आगे बढ़ेगा और न्यायालय ने अगले सुनवाई की तारीख तय कर दी है।
इस व्यक्ति को इस महीने की शुरुआत में भारतीय दण्ड संहिता के तहत मानहानि के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। न्यायालय ने दावे की जाँच के बाद पाया कि उसे हिरासत में रखने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।
न्यायाधीश ने कहा कि जमानत मनमानी हिरासत से बचाने का एक उपाय है और आरोपी को अपना बचाव तैयार करने का अवसर मिलना चाहिए। जमानत की राशि और शर्तें सार्वजनिक नहीं की गईं।
यह फैसला संबंधित पक्षों द्वारा दायर शिकायत की समीक्षा को प्रेरित करेगा। मामला अब ट्रायल के लिए आगे बढ़ेगा और न्यायालय ने अगले सुनवाई की तारीख तय कर दी है।