📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / kim traynor
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एमपी परिवार ने 109‑वर्षीय ₹35,000 ब्रिटिश ऋण पर जवाब मांगे
✍️ businesstoday.in
🗓 12 अग. 2026, 04:33 PM
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एक एमपी के परिवार ने 1914 में ब्रिटेन से लिया गया ₹35,000 का ऋण पर स्पष्टीकरण माँगा, जिससे एक शताब्दी पुरानी वित्तीय रहस्य उजागर हुआ।
एक सांसद के परिवार ने 1914 में ब्रिटेन से लिया गया ₹35,000 का ऋण पर स्पष्टता के लिए अधिकारियों से अनुरोध किया है, जिससे यह ऋण 109 वर्ष पुराना हो गया है। यह ऋण, जिसका मूल उद्देश्य अस्पष्ट है, सार्वजनिक रिकॉर्ड में कभी पूरी तरह से दर्ज नहीं हुआ है।
समय के बीतने के बावजूद, ऋण की शर्तें और उसकी चुकौती की स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है। परिवार का दावा है कि कोई आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं किया गया है, इसलिए वे वित्त मंत्रालय और राष्ट्रीय अभिलेखागार से पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
संबंधित मंत्रालयों को एक लिखित अनुरोध भेजा गया है, जिसमें ऋण से संबंधित सभी उपलब्ध दस्तावेज और यह भी पूछा गया है कि क्या यह ऋण चुका दिया गया है या अभी भी बकाया है। अनुरोध में यह भी समझने की कोशिश की जा रही है कि क्या अभी भी कोई कानूनी दायित्व मौजूद है।
इस मामले ने भारत और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक वित्तीय समझौतों के व्यापक मुद्दे पर प्रकाश डाला है। यह समान पुराने कर्जों की समीक्षा और ऐसे समझौतों के प्रबंधन और प्रकटीकरण में अधिक पारदर्शिता की मांग को प्रेरित कर सकता है।
समय के बीतने के बावजूद, ऋण की शर्तें और उसकी चुकौती की स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है। परिवार का दावा है कि कोई आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं किया गया है, इसलिए वे वित्त मंत्रालय और राष्ट्रीय अभिलेखागार से पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
संबंधित मंत्रालयों को एक लिखित अनुरोध भेजा गया है, जिसमें ऋण से संबंधित सभी उपलब्ध दस्तावेज और यह भी पूछा गया है कि क्या यह ऋण चुका दिया गया है या अभी भी बकाया है। अनुरोध में यह भी समझने की कोशिश की जा रही है कि क्या अभी भी कोई कानूनी दायित्व मौजूद है।
इस मामले ने भारत और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक वित्तीय समझौतों के व्यापक मुद्दे पर प्रकाश डाला है। यह समान पुराने कर्जों की समीक्षा और ऐसे समझौतों के प्रबंधन और प्रकटीकरण में अधिक पारदर्शिता की मांग को प्रेरित कर सकता है।