📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Power
राजनीति
एमपी पं. धीरेंद्र शास्त्री ने जन‑ज़ेड को लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने की चेतावनी दी, महिलाओं पर गाली को अस्वीकार किया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 03 अग. 2026, 08:37 PM
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एमपी पं. धीरेंद्र शास्त्री ने जन‑ज़ेड युवाओं से लोकतांत्रिक अधिकारों का विरोध न करने और माताओं व बहनों पर गाली देने को सनातन संस्कृति के विरुद्ध बताया।
पं. धीरेंद्र शास्त्री, मध्य प्रदेश के सांसद, ने एक स्थानीय कार्यक्रम में जन‑ज़ेड छात्रों के समूह से संबोधित करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों को बनाए रखने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने इन अधिकारों के विरोध को अस्वीकार्य बताया और कहा कि इससे देश की लोकतांत्रिक बुनियाद कमजोर होगी।
संसद सदस्य ने माताओं और बहनों पर गाली देने को भारतीय सनातन संस्कृति का हिस्सा नहीं बताया और युवाओं से आग्रह किया कि वे महिलाओं का सम्मान करें तथा विरोध को रचनात्मक ढंग से व्यक्त करें।
उनके इस भाषण पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ मिलीं; समर्थकों ने शिष्टाचार के लिए उनकी प्रशंसा की, जबकि कुछ आलोचकों ने उनके कथन को व्यापक बताया। फिर भी, यह संदेश उन कई उपस्थित लोगों के साथ गूंजा जो आधुनिक राजनीतिक सहभागिता की चुनौतियों से जूझ रहे हैं।
शास्त्री का यह भाषण भारतीय राजनेताओं के बीच एक व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है, जो युवाओं से सीधे संवाद करके उन्हें ज़िम्मेदार तरीके से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करते हैं।
संसद सदस्य ने माताओं और बहनों पर गाली देने को भारतीय सनातन संस्कृति का हिस्सा नहीं बताया और युवाओं से आग्रह किया कि वे महिलाओं का सम्मान करें तथा विरोध को रचनात्मक ढंग से व्यक्त करें।
उनके इस भाषण पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ मिलीं; समर्थकों ने शिष्टाचार के लिए उनकी प्रशंसा की, जबकि कुछ आलोचकों ने उनके कथन को व्यापक बताया। फिर भी, यह संदेश उन कई उपस्थित लोगों के साथ गूंजा जो आधुनिक राजनीतिक सहभागिता की चुनौतियों से जूझ रहे हैं।
शास्त्री का यह भाषण भारतीय राजनेताओं के बीच एक व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है, जो युवाओं से सीधे संवाद करके उन्हें ज़िम्मेदार तरीके से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करते हैं।