📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
राजनीति
एमपी कांग्रेस ने 27% ओबीसी आरक्षण रद्दीकरण पर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 12 अक्टू. 2026, 06:36 PM
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मध्य प्रदेश कांग्रेस ने जाबलपुर हाईकोर्ट के 27% ओबीसी आरक्षण रद्दीकरण के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा की है, और पिछड़े वर्गों को एकजुट करने के लिए पूरे राज्य में जन-जागरण अभियान चलाने की योजना है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने जाबलपुर हाईकोर्ट के 27% ओबीसी आरक्षण रद्दीकरण के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है। पार्टी ने इस निर्णय को उलटने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की योजना बनाई है।
हाईकोर्ट ने संविधान में निर्धारित सीमा से अधिक होने के कारण आरक्षण को रद्द कर दिया था। इस फैसले से ओबीसी समुदाय पर नकारात्मक असर पड़ा है, जो शिक्षा और सार्वजनिक रोजगार में आरक्षण पर निर्भर हैं।
इस निर्णय के प्रभाव को कम करने के लिए कांग्रेस पूरे राज्य में जन‑जागरण अभियान चलाने का इरादा रखती है। इस अभियान में सामाजिक संगठनों और समुदाय के नेताओं को शामिल किया जाएगा ताकि ओबीसी मतदाताओं को एकजुट किया जा सके और पार्टी की आरक्षण‑सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर किया जा सके।
यह कदम मध्य प्रदेश में आरक्षण नीतियों पर राजनीतिक बहस को तेज करने की उम्मीद है और आगामी चुनावों में पार्टी की रणनीति पर भी असर डाल सकता है।
हाईकोर्ट ने संविधान में निर्धारित सीमा से अधिक होने के कारण आरक्षण को रद्द कर दिया था। इस फैसले से ओबीसी समुदाय पर नकारात्मक असर पड़ा है, जो शिक्षा और सार्वजनिक रोजगार में आरक्षण पर निर्भर हैं।
इस निर्णय के प्रभाव को कम करने के लिए कांग्रेस पूरे राज्य में जन‑जागरण अभियान चलाने का इरादा रखती है। इस अभियान में सामाजिक संगठनों और समुदाय के नेताओं को शामिल किया जाएगा ताकि ओबीसी मतदाताओं को एकजुट किया जा सके और पार्टी की आरक्षण‑सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर किया जा सके।
यह कदम मध्य प्रदेश में आरक्षण नीतियों पर राजनीतिक बहस को तेज करने की उम्मीद है और आगामी चुनावों में पार्टी की रणनीति पर भी असर डाल सकता है।