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एमपी बस सुरक्षा ऑडिट में सुस्ती: पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के बावजूद जिलों से रिपोर्ट नदारद
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
अपराध

एमपी बस सुरक्षा ऑडिट में सुस्ती: पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के बावजूद जिलों से रिपोर्ट नदारद

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 01 जुल. 2026, 08:31 PM 👁 32
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मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) की ओर से बसों की सुरक्षा जांच अभियान को एक महीना बीत जाने के बावजूद, अधिकांश जिलों से जांच रिपोर्ट अभी तक पूरी तरह से प्राप्त नहीं हुई है, जिसके कारण पीएचक्यू को फिर से रिमाइंडर भेजना पड़ा है।

मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा शुरू किए गए प्रदेशव्यापी बस सुरक्षा ऑडिट अभियान में एक महीने बाद भी अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है। अधिकांश जिलों से अभी तक सुरक्षा जांच की पूरी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को नहीं सौंपी गई है।

इस ढिलाई को देखते हुए, पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को एक बार फिर रिमाइंडर जारी किया है। इस निर्देश का उद्देश्य सुरक्षा जांच रिपोर्टों को जल्द से जल्द जमा करवाना है, ताकि सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों को गति मिल सके।

यह अभियान प्रदेश में बसों के सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा था, लेकिन जिलों के स्तर पर प्रशासनिक अड़चनों के कारण इसके कार्यान्वयन में सुस्ती देखी जा रही है।
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