📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Eugene Alvin Villar (seav)
बिज़नेस
सांसद ने एडीबी‑समर्थित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए $1 अर्ब निजी निवेश का लक्ष्य रखा
✍️ India Shipping News
🗓 08 सित. 2026, 06:17 PM
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एक सांसद ने एशियन डेवलपमेंट बैंक की सहायता से नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए एक अरब डॉलर निजी निवेश हासिल करने का लक्ष्य घोषित किया।
नई दिल्ली — एक वरिष्ठ सांसद ने एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के समर्थन से नवीकरणीय ऊर्जा पहलों के लिए एक अरब डॉलर निजी निवेश जुटाने का लक्ष्य घोषित किया। यह पहल भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को तेज करने और जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
एडीबी‑समर्थित योजना में सौर, पवन और हाइब्रिड परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिससे बैंक की तकनीकी विशेषज्ञता और अनुकूल वित्तीय शर्तें निजी निवेशकों के जोखिम को कम कर सकें। निजी पूँजी को आकर्षित करके सरकार वित्तीय अंतर को पाटने की आशा रखती है, जो बड़े‑पैमाने पर स्वच्छ‑ऊर्जा परियोजनाओं को धीमा कर रहा था।
सांसद ने घरेलू और विदेशी निवेशकों से पाइपलाइन का अध्ययन करने का आग्रह किया, यह बताते हुए कि ये परियोजनाएँ 2030 तक भारत के नवीकरणीय लक्ष्य के अनुरूप होंगी। यदि सफल रहा, तो एक अरब डॉलर की इस पूँजी से अतिरिक्त निवेश को प्रोत्साहन, रोजगार सृजन और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी।
हितधारकों को आने वाले हफ़्तों में विस्तृत परियोजना विवरण प्राप्त होंगे, और वित्तीय वर्ष के अंत तक पहले अनुबंधों को सौंपे जाने की संभावना है।
एडीबी‑समर्थित योजना में सौर, पवन और हाइब्रिड परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिससे बैंक की तकनीकी विशेषज्ञता और अनुकूल वित्तीय शर्तें निजी निवेशकों के जोखिम को कम कर सकें। निजी पूँजी को आकर्षित करके सरकार वित्तीय अंतर को पाटने की आशा रखती है, जो बड़े‑पैमाने पर स्वच्छ‑ऊर्जा परियोजनाओं को धीमा कर रहा था।
सांसद ने घरेलू और विदेशी निवेशकों से पाइपलाइन का अध्ययन करने का आग्रह किया, यह बताते हुए कि ये परियोजनाएँ 2030 तक भारत के नवीकरणीय लक्ष्य के अनुरूप होंगी। यदि सफल रहा, तो एक अरब डॉलर की इस पूँजी से अतिरिक्त निवेश को प्रोत्साहन, रोजगार सृजन और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी।
हितधारकों को आने वाले हफ़्तों में विस्तृत परियोजना विवरण प्राप्त होंगे, और वित्तीय वर्ष के अंत तक पहले अनुबंधों को सौंपे जाने की संभावना है।