📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Böhringer Friedrich
धर्म
55 दिनों की खोज के बाद माँ ने बेटे के लिये अंतिम संस्कार किया
✍️ Asianet Newsable
🗓 24 सित. 2026, 02:38 PM
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55 दिनों की खोज के बाद अपने गुम हुए बेटे के लिये माँ ने एक प्रतिमा के साथ अंतिम संस्कार किया, जिससे उनका शोक व्यक्त हुआ।
एक माँ ने अपने गुम हुए बेटे की 55‑दिन की खोज के बाद एक प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया। इस समारोह में उन्होंने एक प्रतिमा को अपने बेटे के रूप में उपयोग किया और उसे अंतिम rites अदा किए।
परिवार और स्थानीय स्वयंसेवकों ने कई हफ्तों तक खोज कार्य किया, परन्तु बेटे का कोई पता नहीं चल सका। इस कारण माँ ने पारंपरिक रीति‑रिवाज़ के माध्यम से शोक व्यक्त करने का विकल्प चुना।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जब शव नहीं मिलता, तो ऐसी प्रतीकात्मक विधियाँ परिवार को आध्यात्मिक शांति प्रदान करती हैं। यह घटना एशियनएट न्यूज़ेबल द्वारा रिपोर्ट की गई, जो भारत में लापता व्यक्तियों के मामलों में भावनात्मक प्रभाव को उजागर करती है।
अधिक जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं है और मामले की जाँच जारी है। ऐसी परिस्थितियों में अंतिम संस्कार का चयन भारतीय संस्कृति में शोक को सुलझाने का एक महत्वपूर्ण पहलू दर्शाता है।
परिवार और स्थानीय स्वयंसेवकों ने कई हफ्तों तक खोज कार्य किया, परन्तु बेटे का कोई पता नहीं चल सका। इस कारण माँ ने पारंपरिक रीति‑रिवाज़ के माध्यम से शोक व्यक्त करने का विकल्प चुना।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जब शव नहीं मिलता, तो ऐसी प्रतीकात्मक विधियाँ परिवार को आध्यात्मिक शांति प्रदान करती हैं। यह घटना एशियनएट न्यूज़ेबल द्वारा रिपोर्ट की गई, जो भारत में लापता व्यक्तियों के मामलों में भावनात्मक प्रभाव को उजागर करती है।
अधिक जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं है और मामले की जाँच जारी है। ऐसी परिस्थितियों में अंतिम संस्कार का चयन भारतीय संस्कृति में शोक को सुलझाने का एक महत्वपूर्ण पहलू दर्शाता है।