📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sillerkiil
मौसम
हिमाचल में भारी बारिश से हुई भूस्खलन, खदान में तीन कामगार फंसे
✍️ Punjab Newsline
🗓 19 अग. 2026, 03:05 PM
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हिमाचल प्रदेश में तेज़ बारिश से सिमरौर में खदान के पास भूस्खलन हुआ, जिससे तीन कामगारों के फंसे रहने की आशंका है।
हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को तेज़ मॉनसून बारिश ने सिमरौर जिले में कई भूस्खलन कर दिए। एक स्थानीय खदान के पास ढलान ढह गई, जिससे खदान का प्रवेश मार्ग बंद हो गया और भूमिगत कार्यस्थल तक पहुँच नहीं बनी।
खदान में काम कर रहे तीन कामगारों के फंसे रहने की सूचना मिलने पर राज्य आपदा प्रबंधन बल ने तुरंत बचाव दल भेजे। अभी तक उनके स्वास्थ्य की पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन मलबे के कारण वेंटिलेशन और निकास मार्ग बाधित होने से फंसे रहने की संभावना है।
जिला प्रशासन ने खोज‑बचाव कार्य के समन्वय के लिए एक कमांड सेंटर स्थापित किया है और भारी मशीनरी व प्रशिक्षित कर्मियों को तैनात किया है। कामगारों के परिवारों को सूचित किया गया है, और मलबा साफ़ होने तक क्षेत्र को अस्थायी रूप से निषेध किया गया है।
अधिकारियों ने सतर्क किया कि लगातार मॉनसून बारिश से स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिए पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधान रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
यह घटना हिमालयी क्षेत्र में मौसम‑संबंधी भूस्खलन के बढ़ते जोखिम को उजागर करती है, जिससे शीघ्र चेतावनी प्रणाली और खदानों में सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने की मांग बढ़ रही है।
खदान में काम कर रहे तीन कामगारों के फंसे रहने की सूचना मिलने पर राज्य आपदा प्रबंधन बल ने तुरंत बचाव दल भेजे। अभी तक उनके स्वास्थ्य की पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन मलबे के कारण वेंटिलेशन और निकास मार्ग बाधित होने से फंसे रहने की संभावना है।
जिला प्रशासन ने खोज‑बचाव कार्य के समन्वय के लिए एक कमांड सेंटर स्थापित किया है और भारी मशीनरी व प्रशिक्षित कर्मियों को तैनात किया है। कामगारों के परिवारों को सूचित किया गया है, और मलबा साफ़ होने तक क्षेत्र को अस्थायी रूप से निषेध किया गया है।
अधिकारियों ने सतर्क किया कि लगातार मॉनसून बारिश से स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिए पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधान रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
यह घटना हिमालयी क्षेत्र में मौसम‑संबंधी भूस्खलन के बढ़ते जोखिम को उजागर करती है, जिससे शीघ्र चेतावनी प्रणाली और खदानों में सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने की मांग बढ़ रही है।