📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / AshLin
धर्म
अरुणाचल प्रान्त के मोनपा बौद्धों ने मृतक को 108 टुकड़ों में काट कर जल दफन किया
✍️ The Times of India
🗓 15 अग. 2026, 05:48 PM
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मोनपा बौद्ध समुदाय की परंपरा के अनुसार, एक मृतक को 108 टुकड़ों में काटकर जल दफन किया गया, जो उनके आध्यात्मिक विश्वासों पर आधारित है।
मोनपा बौद्ध समुदाय ने हाल ही में एक परंपरागत समारोह के तहत एक मृतक को 108 टुकड़ों में काटकर जल दफन किया। यह प्रथा उनके आध्यात्मिक विश्वासों और सांस्कृतिक परंपराओं का हिस्सा है।
108 की संख्या कई बौद्ध परंपराओं में प्रतीकात्मक महत्व रखती है, जो पूर्णता और जीवन के चक्र का प्रतिनिधित्व करती है। शरीर को इस विशिष्ट संख्या में विभाजित करके, समुदाय मानता है कि यह आत्मा की यात्रा को सुगम बनाता है और उनके धर्म के शिक्षाओं का सम्मान करता है।
अरुणाचल प्रान्त में रहने वाले मोनपा लोग बौद्ध और स्वदेशी रीति-रिवाजों का अनूठा मिश्रण बनाए रखते हैं। जल दफन, मृतकों को नष्ट करने का एक तरीका, प्रकृति और परलोक के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है।
द टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस घटना की रिपोर्ट की, जिसमें बताया गया कि यह अनुष्ठान पारंपरिक प्रोटोकॉल के साथ गंभीरता से किया गया। समारोह में स्थानीय भिक्षु और समुदाय के सदस्य उपस्थित थे, जिन्होंने इसे सम्मान और श्रद्धा के साथ देखा।
108 की संख्या कई बौद्ध परंपराओं में प्रतीकात्मक महत्व रखती है, जो पूर्णता और जीवन के चक्र का प्रतिनिधित्व करती है। शरीर को इस विशिष्ट संख्या में विभाजित करके, समुदाय मानता है कि यह आत्मा की यात्रा को सुगम बनाता है और उनके धर्म के शिक्षाओं का सम्मान करता है।
अरुणाचल प्रान्त में रहने वाले मोनपा लोग बौद्ध और स्वदेशी रीति-रिवाजों का अनूठा मिश्रण बनाए रखते हैं। जल दफन, मृतकों को नष्ट करने का एक तरीका, प्रकृति और परलोक के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है।
द टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस घटना की रिपोर्ट की, जिसमें बताया गया कि यह अनुष्ठान पारंपरिक प्रोटोकॉल के साथ गंभीरता से किया गया। समारोह में स्थानीय भिक्षु और समुदाय के सदस्य उपस्थित थे, जिन्होंने इसे सम्मान और श्रद्धा के साथ देखा।