📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vishal Dutta
धर्म
मोहन भागवत ने दसराह मेळाव्यात ज्ञान‑तंत्रज्ञानाच्या नैतिक वापरावर भर दिला
✍️ News18 Marathi
🗓 21 अक्टू. 2026, 03:46 AM
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दसराह मेळाव्यात मोहन भागवत यांनी ज्ञान व तंत्रज्ञानाच्या वापरात नैतिकतेचा विचार करणे आवश्यक असल्याचे सांगितले।
दसराह मेळावा, जो राष्ट्रवादी स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वार आयोजित वार्षिक सांस्कृतिक‑धार्मिक सभा है, 2026 में बड़े पैमाने पर आयोजित हुआ, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इस अवसर पर संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने मंच से संबोधित करते हुए ज्ञान‑तंत्रज्ञान के जिम्मेदार उपयोग पर प्रकाश डाला।
भाषण में भागवत ने कहा कि विज्ञान‑प्रौद्योगिकी की तेज़ी से प्रगति को नैतिकता के ठोस ढाँचे से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि नैतिक मार्गदर्शन के बिना तकनीकी उन्नति सामाजिक असंतुलन पैदा कर सकती है और युवाओं को सामाजिक हित में कार्य करने की अपील की।
उपस्थिति में कई लोगों ने इस संदेश को सकारात्मक रूप से सराहा, क्योंकि RSS का मंच अक्सर समकालीन मुद्दों पर विचार‑विमर्श का माध्यम बनता है। भागवत की यह अपील भारत में नवाचार और सामाजिक ज़िम्मेदारी के संतुलन पर चल रही चर्चा को प्रतिबिंबित करती है।
भाषण में भागवत ने कहा कि विज्ञान‑प्रौद्योगिकी की तेज़ी से प्रगति को नैतिकता के ठोस ढाँचे से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि नैतिक मार्गदर्शन के बिना तकनीकी उन्नति सामाजिक असंतुलन पैदा कर सकती है और युवाओं को सामाजिक हित में कार्य करने की अपील की।
उपस्थिति में कई लोगों ने इस संदेश को सकारात्मक रूप से सराहा, क्योंकि RSS का मंच अक्सर समकालीन मुद्दों पर विचार‑विमर्श का माध्यम बनता है। भागवत की यह अपील भारत में नवाचार और सामाजिक ज़िम्मेदारी के संतुलन पर चल रही चर्चा को प्रतिबिंबित करती है।