📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lev.Borisovitch
शिक्षा
मॉइ ने क्लासिकल भाषाओं के लिए पाँच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्वीकृति दी
✍️ The Economic Times
🗓 03 अक्टू. 2026, 09:32 PM
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भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने पाँच क्लासिकल भाषा केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी है।
नई दिल्ली – शिक्षा मंत्रालय ने पाँच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य भारत की क्लासिकल भाषाओं में अनुसंधान, शिक्षण और जनजागरूकता को सुदृढ़ करना है। यह निर्णय एक आधिकारिक आदेश में दिया गया, जो भाषा विरासत की सुरक्षा और शैक्षणिक कार्य को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इन केंद्रों में विशेष पुस्तकालय, डिजिटल अभिलेखागार और भाषा प्रयोगशालाएँ स्थापित की जाएँगी, जिससे विद्वान, छात्र और सांस्कृतिक कार्यकर्ता एक साथ काम कर सकेंगे। मंत्रालय ने बुनियादी ढाँचा, संकाय नियुक्ति और विश्वविद्यालय‑संस्थानों के साथ सहयोगी परियोजनाओं के लिए निधि आवंटित की है।
इस पहल से क्लासिकल भाषाओं में शैक्षणिक रुचि बढ़ेगी, पाठ्यक्रम विकास को समर्थन मिलेगा और कार्यशालाओं, संगोष्ठियों तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा। केंद्रों की निगरानी शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा की जाएगी और उनकी प्रभावशीलता का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा।
इन केंद्रों में विशेष पुस्तकालय, डिजिटल अभिलेखागार और भाषा प्रयोगशालाएँ स्थापित की जाएँगी, जिससे विद्वान, छात्र और सांस्कृतिक कार्यकर्ता एक साथ काम कर सकेंगे। मंत्रालय ने बुनियादी ढाँचा, संकाय नियुक्ति और विश्वविद्यालय‑संस्थानों के साथ सहयोगी परियोजनाओं के लिए निधि आवंटित की है।
इस पहल से क्लासिकल भाषाओं में शैक्षणिक रुचि बढ़ेगी, पाठ्यक्रम विकास को समर्थन मिलेगा और कार्यशालाओं, संगोष्ठियों तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा। केंद्रों की निगरानी शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा की जाएगी और उनकी प्रभावशीलता का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा।