📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
विदेश
मोदी‑शी बैठक से भारत‑चीन संबंधों में सुधार की संभावना, पूर्व राजदूत का कहना
✍️ India Today
🗓 10 सित. 2026, 10:39 PM
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एक पूर्व भारतीय राजदूत का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की हालिया बैठक से संबंधों में सुधार हो सकता है, पर सीमा विवाद अभी भी मुख्य परीक्षा है।
नई दिल्ली – चीन के पूर्व राजदूत का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हालिया बैठक दोनों पड़ोसी देशों के बीच व्यापक सुलह की गति को तेज कर सकती है। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात से बनी व्यक्तिगत समझौता 2020 के सीमा टकराव के बाद से चल रहे कूटनीतिक तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।
परंतु राजदूत ने चेतावनी दी कि अभी भी अनसुलझा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) ही किसी भी स्थायी सुधार की कसौटी है। दोनों पक्ष सीमा विवाद को सुलझाने की इच्छा जताते रहे हैं, फिर भी सीमा पर घटनाएँ घटती रहती हैं, जो प्रक्रिया की नाजुकता को दर्शाती हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि शिखर सम्मेलन सकारात्मक कूटनीतिक संकेत देता है, पर व्यापार, लोगों के बीच संपर्क और विश्वास‑निर्माण उपायों पर ठोस कदम उठाए बिना इस goodwill को वास्तविक परिणामों में बदलना कठिन होगा। विदेश मंत्रालय ने बैठक से उत्पन्न किसी विशेष समझौते की अभी तक जानकारी नहीं दी है।
पूर्व राजदूत ने निष्कर्ष निकाला कि इस सुलह की सच्ची परीक्षा यह होगी कि दोनों सरकारें कितनी जल्दी संवाद को कार्यों में बदलकर सीमा को स्थिर कर भविष्य के टकराव को रोक सकती हैं।
परंतु राजदूत ने चेतावनी दी कि अभी भी अनसुलझा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) ही किसी भी स्थायी सुधार की कसौटी है। दोनों पक्ष सीमा विवाद को सुलझाने की इच्छा जताते रहे हैं, फिर भी सीमा पर घटनाएँ घटती रहती हैं, जो प्रक्रिया की नाजुकता को दर्शाती हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि शिखर सम्मेलन सकारात्मक कूटनीतिक संकेत देता है, पर व्यापार, लोगों के बीच संपर्क और विश्वास‑निर्माण उपायों पर ठोस कदम उठाए बिना इस goodwill को वास्तविक परिणामों में बदलना कठिन होगा। विदेश मंत्रालय ने बैठक से उत्पन्न किसी विशेष समझौते की अभी तक जानकारी नहीं दी है।
पूर्व राजदूत ने निष्कर्ष निकाला कि इस सुलह की सच्ची परीक्षा यह होगी कि दोनों सरकारें कितनी जल्दी संवाद को कार्यों में बदलकर सीमा को स्थिर कर भविष्य के टकराव को रोक सकती हैं।