📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
विदेश
मोदी, शी और पुतिन ने ब्रिक्स सम्मेलन में मानसा की कुदाल से लगाए पेड़
✍️ Amar Ujala · Ludhiana
🗓 18 सित. 2026, 08:45 AM
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ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मानसा के बरेटा मंडी के गुरनाम सिंह रामगढ़िया की बनाई कुदाल से पौधे लगाए।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान एक प्रतीकात्मक वृक्षारोपण समारोह में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रत्येक एक पौधा कुदाल से लगाया। यह कुदाल मानसा के बरेटा मंडी के गुरनाम सिंह रामगढ़िया द्वारा हाथ से निर्मित थी, जिसे भारतीय कारीगरों की विरासत के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया।
गुरनाम सिंह, मानसा के मिस्त्री समुदाय के सदस्य, ने इस कुदाल को स्थानीय लोहे से तैयार किया, जो पंजाब की धातु‑काम की परम्परा को दर्शाता है। इस प्रकार ग्रामीण पंजाब की कुशलता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाने का अवसर मिला।
आयोजन में अधिकारियों ने इस कदम को पर्यावरणीय संरक्षण और ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग की प्रतिबद्धता के रूप में उजागर किया। वृक्षारोपण को जलवायु परिवर्तन से लड़ने और सतत विकास को बढ़ावा देने की साझा जिम्मेदारी के स्मारक के रूप में प्रस्तुत किया गया।
यह समारोह भारत की "मेक इन इंडिया" पहल के साथ स्थानीय उत्पादों को विश्व स्तर पर प्रमोट करने के प्रयास को भी रेखांकित करता है। एक स्वदेशी उपकरण के प्रयोग से राष्ट्रीय सांस्कृतिक गर्व को बढ़ावा मिला और कूटनीतिक सौहार्द को सुदृढ़ किया।
गुरनाम सिंह, मानसा के मिस्त्री समुदाय के सदस्य, ने इस कुदाल को स्थानीय लोहे से तैयार किया, जो पंजाब की धातु‑काम की परम्परा को दर्शाता है। इस प्रकार ग्रामीण पंजाब की कुशलता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाने का अवसर मिला।
आयोजन में अधिकारियों ने इस कदम को पर्यावरणीय संरक्षण और ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग की प्रतिबद्धता के रूप में उजागर किया। वृक्षारोपण को जलवायु परिवर्तन से लड़ने और सतत विकास को बढ़ावा देने की साझा जिम्मेदारी के स्मारक के रूप में प्रस्तुत किया गया।
यह समारोह भारत की "मेक इन इंडिया" पहल के साथ स्थानीय उत्पादों को विश्व स्तर पर प्रमोट करने के प्रयास को भी रेखांकित करता है। एक स्वदेशी उपकरण के प्रयोग से राष्ट्रीय सांस्कृतिक गर्व को बढ़ावा मिला और कूटनीतिक सौहार्द को सुदृढ़ किया।