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विदेश
मोदी-शी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पुतिन को यूक्रेन शांति प्रस्ताव दिया
✍️ TOI India
🗓 13 सित. 2026, 06:09 PM
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भारत और चीन ने हालिया ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पुतिन को यूक्रेन शांति प्रस्ताव दिया, जिससे पश्चिम के प्रति एक समन्वित रुख दिखा।
नई दिल्ली और बीजिंग ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए एक संयुक्त प्रस्ताव पेश किया, जिसमें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सीधे संबोधित किया गया। संयुक्त बयान में तत्काल युद्धविराम, मानवीय गलियारे और सभी पक्षों को शामिल करते हुए राजनीतिक संवाद की रूपरेखा का प्रस्ताव रखा गया।
यह समन्वित कदम भारत‑चीन के बढ़ते कूटनीतिक सहयोग को उजागर करता है, जो वैश्विक संघर्षों में मध्यस्थता की भूमिका निभाना चाहते हैं। अधिकारियों ने कहा कि यह प्रस्ताव ब्रिक्स देशों की पश्चिमी‑प्रेरित शांति पहल पर निर्भरता कम करने की इच्छा को दर्शाता है।
पश्चिम ने इस प्रयास का स्वागत किया है, पर विश्लेषकों का मानना है कि यह संयुक्त प्रस्ताव वाशिंगटन और उसके सहयोगियों को एक रणनीतिक संदेश भी देता है, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं द्वारा समर्थित वैकल्पिक कूटनीति का संकेत मिलता है।
पांच ब्रिक्स राष्ट्रों के नेताओं की भागीदारी वाले इस सम्मेलन का समापन "ब्रिक्स प्लेबुक" के पुनःस्थापन के साथ हुआ, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों, विशेषकर यूक्रेन संकट, पर समन्वित कार्रवाई की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।
यह समन्वित कदम भारत‑चीन के बढ़ते कूटनीतिक सहयोग को उजागर करता है, जो वैश्विक संघर्षों में मध्यस्थता की भूमिका निभाना चाहते हैं। अधिकारियों ने कहा कि यह प्रस्ताव ब्रिक्स देशों की पश्चिमी‑प्रेरित शांति पहल पर निर्भरता कम करने की इच्छा को दर्शाता है।
पश्चिम ने इस प्रयास का स्वागत किया है, पर विश्लेषकों का मानना है कि यह संयुक्त प्रस्ताव वाशिंगटन और उसके सहयोगियों को एक रणनीतिक संदेश भी देता है, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं द्वारा समर्थित वैकल्पिक कूटनीति का संकेत मिलता है।
पांच ब्रिक्स राष्ट्रों के नेताओं की भागीदारी वाले इस सम्मेलन का समापन "ब्रिक्स प्लेबुक" के पुनःस्थापन के साथ हुआ, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों, विशेषकर यूक्रेन संकट, पर समन्वित कार्रवाई की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।